Samrat Chaudhary Developed Bihar, पटना: सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में रविवार को “विकसित बिहार: नींव से निर्माण तक” महामंथन सह लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। प्रोग्रेसिव बुद्धिजीवी एसोसिएशन, बिहार की ओर से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास, सामाजिक एकता, शिक्षा, आधारभूत संरचना और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के लिए सभी लोगों की सहभागिता का आह्वान किया।
लव-कुश समाज की एकता का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लव-कुश समाज की एकता की नींव वर्ष 1994 में रखी गई थी और यह एकता आज भी कायम है। उन्होंने कहा कि लव-कुश समाज किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि न्याय के साथ आगे बढ़ते हुए बिहार की समृद्धि और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाना चाहता है। उन्होंने वर्ष 1992-93 में आयोजित कुर्मी चेतना रैली और कुशवाहा सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बाद वर्ष 1994 में दोनों समाजों ने मिलकर लव-कुश सम्मेलन आयोजित किया था। मुख्यमंत्री ने इस सामाजिक एकता की शुरुआत करने वाले नेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आगे चलकर इस सामाजिक एकता ने राजनीतिक स्वरूप भी ग्रहण किया और इससे जुड़ी राजनीतिक पार्टियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बिहार के गौरवशाली इतिहास को दुनिया तक पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है। चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक जैसे महान शासकों ने इसी धरती से भारत और दुनिया को दिशा दी। उन्होंने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर और मजबूती से प्रस्तुत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में व्यापक बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ने बिहार और झारखंड के अलग होने के समय की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए दोनों राज्यों के बजट से जुड़े आंकड़े भी सामने रखे।

शिक्षा और आधारभूत संरचना पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, आधारभूत संरचना और सांस्कृतिक विरासत के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि बिहार में 15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई। उन्होंने 700 मॉडल स्कूलों यानी सरस्वती विद्या निकेतनों की स्थापना का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन विद्यालयों में करीब 3.5 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के माध्यम से 75 हजार शिक्षकों को जोड़ा गया है। इस ऐप के जरिए रात में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। फिलहाल रात के समय लगभग 1 लाख 42 हजार बच्चे इस माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं।

बोधगया, वाल्मीकि नगर और सीतामढ़ी की योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि बोधगया में भव्य कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। वहीं, वाल्मीकि नगर में लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से लव-कुश पार्क के निर्माण की पहल की गई है। उन्होंने सीतामढ़ी में भव्य सीता मंदिर के निर्माण कार्य का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर निर्माण का शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2028 से पहले भव्य सीता मंदिर को स्थापित कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की गौरवशाली संस्कृति और इतिहास को दुनिया के सामने लाने के साथ-साथ राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है।
एकजुट होकर विकसित बिहार बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने एकता की ताकत समझाने के लिए पांच उंगलियों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग होने पर उंगलियों की ताकत सीमित होती है, लेकिन मुट्ठी बनने पर यही एकता की ताकत बन जाती है। उन्होंने कहा कि बिहार की समृद्धि और विकास के लिए सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का प्रयास जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से विकसित और गौरवशाली बिहार के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
अधिकारियों और प्रतिभाओं को किया सम्मानित
समारोह के दौरान आयोजकों ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संजीव कुमार, बिहार प्रशासनिक सेवा की अधिकारी प्रीति कुमारी और सहायक आयुक्त धरनीधरा को बेहतर कार्य के लिए मोमेंटो देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘स्वर्णिम दिन सम्राट के’ नामक स्मारिका का विमोचन भी किया। समारोह में ग्रामीण विकास सह सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, सांसद उपेंद्र कुशवाहा, विधायक पप्पू वर्मा, विधायक रत्नेश कुशवाहा, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम लोग मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, 211 कॉलेजों और 2500 नियुक्तियों का जिक्र



















