झारखंड में 2016 के बाद JTET नहीं हुई है। 4.40 लाख अभ्यर्थी परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। देरी से हजारों प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की उम्र प्रभावित हो रही है।
Jharkhand JTET रांची: झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी JTET का इंतजार लंबा होता जा रहा है। वर्ष 2016 में हुई पिछली परीक्षा के बाद करीब नौ वर्षों से राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं हुई है। इसका सीधा असर शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की नियुक्ति की उम्र पर पड़ रहा है। करीब 4.40 लाख अभ्यर्थी परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं, जबकि हजारों प्रशिक्षित अभ्यर्थियों के सामने उम्र सीमा पार होने का खतरा बढ़ रहा है।
स्नातक या स्नातकोत्तर के बाद शिक्षक प्रशिक्षण और बीएड पूरा करते-करते अभ्यर्थियों की औसत उम्र 25 से 26 वर्ष हो जाती है। ऐसे में JTET में लगातार देरी से नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उपलब्ध समय कम होता जा रहा है।
Jharkhand JTET: 2016 के बाद नहीं हुई JTET, उम्र सीमा की चिंता बढ़ी
राज्य में वर्ष 2016 में अंतिम JTET आयोजित हुई थी। इसके बाद शिक्षक प्रशिक्षण और बीएड पूरा करने वाले बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पात्रता परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 से 2019 के बीच करीब 60 हजार अभ्यर्थियों ने शिक्षक प्रशिक्षण लिया। इनमें अनुमानित 35 से 40 हजार अभ्यर्थियों की नियुक्ति उम्र से प्रभावित होने की आशंका जतायी जा रही है।
राज्य में प्रति वर्ष करीब 15 हजार अभ्यर्थी शिक्षक प्रशिक्षण और बीएड पूरा करते हैं। ऐसे में परीक्षा में देरी का असर हर साल नए अभ्यर्थियों पर भी पड़ रहा है।
अनारक्षित वर्ग के लिए अधिकतम उम्र सीमा 40 वर्ष और पिछड़ा वर्ग के लिए 42 वर्ष बतायी गयी है। हालांकि शिक्षक नियुक्ति में सरकार की ओर से उम्र सीमा में छूट भी दी जाती रही है। इसका एक असर यह भी बताया जा रहा है कि कुछ शिक्षक नियुक्ति के समय ही सेवानिवृत्ति की उम्र के करीब पहुंच रहे हैं।
Jharkhand JTET: हाईकोर्ट की टाइमलाइन भी नहीं हो सकी पूरी
झारखंड हाईकोर्ट ने JTET कराने के लिए 31 मार्च 2026 तक की समयसीमा तय की थी। निर्धारित समय में परीक्षा नहीं हो सकी। इसके बाद जैक की ओर से हाईकोर्ट में 11 अक्टूबर को JTET कराने का शपथ पत्र दिया गया था।
बाद में जैक ने 25 सितंबर को अदालत को बताया कि अक्टूबर में परीक्षा कराना संभव नहीं है और एक नवंबर 2026 को परीक्षा आयोजित करने की अनुमति मांगी। हाईकोर्ट ने इसकी अनुमति दी है। हालांकि, एक नवंबर की परीक्षा की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
पिछली निर्धारित टाइमलाइन पूरी नहीं होने के कारण परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों की चिंता बनी हुई है।
Key Highlights
- झारखंड में वर्ष 2016 के बाद JTET आयोजित नहीं हुई है।
- करीब 4.40 लाख अभ्यर्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं।
- 2016 से 2019 के बीच करीब 60 हजार अभ्यर्थियों ने शिक्षक प्रशिक्षण लिया।
- हाईकोर्ट ने 31 मार्च 2026 तक परीक्षा कराने का निर्देश दिया था, लेकिन परीक्षा नहीं हो सकी।
- जैक ने हाईकोर्ट में एक नवंबर 2026 को परीक्षा कराने की बात कही है, लेकिन नई आधिकारिक तिथि घोषित होना बाकी है।
Jharkhand JTET: दूसरे राज्यों से पीछे झारखंड, 15 साल में सिर्फ दो JTET
शिक्षक पात्रता परीक्षा के आयोजन के मामले में झारखंड की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में अलग रही है। वर्ष 2012 से अब तक झारखंड में सिर्फ दो JTET आयोजित हुई हैं। इसी अवधि में CBSE की ओर से 21 CTET आयोजित की जा चुकी हैं और 22वीं परीक्षा की तिथि भी घोषित हो चुकी है।
झारखंड के साथ गठित उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में भी इस दौरान शिक्षक पात्रता परीक्षाओं का आयोजन अधिक बार हुआ है। उत्तराखंड में अब तक 12 UTET और छत्तीसगढ़ में सात CGTET आयोजित होने की जानकारी दी गयी है। दोनों राज्यों में पहली शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ष 2011 में हुई थी।
JTET इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी और निजी विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा तक शिक्षक नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी है। परीक्षा नहीं होने के कारण प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण और बीएड पूरा कर चुके अभ्यर्थी पहली से आठवीं कक्षा तक शिक्षक नियुक्ति की पात्रता हासिल नहीं कर पा रहे हैं।
इसका असर शिक्षक भर्ती के लिए उपलब्ध पात्र अभ्यर्थियों के दायरे पर भी पड़ रहा है। वहीं, लगातार देरी के कारण पहले से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके अभ्यर्थियों के सामने उम्र सीमा पार होने की समस्या गंभीर होती जा रही है।


















