El Nino Alert: 2026-27 में गर्म सर्दी का खतरा, गेहूं समेत Rabi फसलों पर पड़ सकता है असर

2026-27 में बहुत मजबूत El Nino की संभावना से भारत की रबी फसलों पर मौसम का असर पड़ सकता है। गेहूं, दलहन और तिलहन की पैदावार पर नजर।


El Nino Alert रांची: प्रशांत महासागर में मजबूत हो रहा अल नीनो भारत के आगामी रबी सीजन के लिए मौसम संबंधी चुनौती बढ़ा सकता है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट एंड सोसाइटी यानी IRI के सितंबर 2026 के आकलन के अनुसार, 2026-27 के दौरान बहुत मजबूत अल नीनो की स्थिति बने रहने के संकेत हैं। सितंबर के मध्य में Niño 3.4 क्षेत्र का साप्ताहिक समुद्री सतह तापमान विचलन +3.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। IRI के सभी 22 मॉडल इस घटना के और मजबूत होने तथा 2026 की सर्दियों तक इसके बने रहने का संकेत दे रहे हैं।

भारत में इसका असर रबी फसलों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि गेहूं, चना, मसूर और सरसों जैसी फसलों के लिए बुवाई के बाद पर्याप्त मिट्टी की नमी और फसल के विकास के दौरान अनुकूल तापमान जरूरी होता है। हालांकि किसी एक मौसम प्रणाली के आधार पर उत्पादन में निश्चित गिरावट का अनुमान लगाना अभी जल्दबाजी होगी।

El Nino Alert: बहुत मजबूत El Nino के संकेत, फरवरी 2027 तक 100% संभावना

IRI के 21 सितंबर 2026 के पूर्वानुमान के अनुसार, Niño 3.4 सूचकांक सितंबर के मध्य में +3.0°C तक पहुंच चुका था। संस्थान के 22 मॉडल 2026 के अंत और 2027 की शुरुआत में El Niño को बहुत मजबूत श्रेणी में बनाए रखने की ओर संकेत कर रहे हैं। लगभग सभी गतिशील मॉडल और कई सांख्यिकीय मॉडल Niño 3.4 में +3.0°C या उससे अधिक की संभावना दिखा रहे हैं।

IRI के मॉडल-आधारित आकलन में El Niño की संभावना सितंबर से फरवरी 2027 तक 100% बताई गई है। मार्च से मई 2027 के दौरान यह 99% और मई से जुलाई 2027 के दौरान 61% तक रहने का अनुमान है। हालांकि लंबी अवधि के पूर्वानुमानों में अनिश्चितता बढ़ती है और वास्तविक स्थिति समुद्र और वातावरण के आगे के विकास पर निर्भर करेगी।


Key Highlights

  1. IRI के अनुसार 2026-27 में बहुत मजबूत El Niño के संकेत हैं।
  2. सितंबर के मध्य में Niño 3.4 सूचकांक +3.0°C तक पहुंचा।
  3. सभी 22 मॉडल El Niño के मजबूत बने रहने की ओर संकेत कर रहे हैं।
  4. फरवरी 2027 तक El Niño की मॉडल-आधारित संभावना 100% बताई गई है।
  5. रबी सीजन में मिट्टी की नमी और तापमान गेहूं समेत कई फसलों के लिए अहम होंगे।

El Nino Alert: 638 लाख हेक्टेयर रबी क्षेत्र पर मौसम की चुनौती

भारत में रबी सीजन के दौरान गेहूं, दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की बड़े क्षेत्र में खेती होती है। वर्षा आधारित क्षेत्रों में मिट्टी की नमी रबी फसलों की शुरुआती बढ़वार के लिए महत्वपूर्ण होती है। यदि सर्दियों के दौरान तापमान सामान्य से अधिक रहता है और नमी की कमी बनी रहती है, तो फसल विकास पर दबाव बढ़ सकता है।

गेहूं के मामले में तापमान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। फसल के दाना भरने के समय अधिक गर्मी होने पर विकास अवधि कम हो सकती है। इससे दाने का वजन प्रभावित होने का जोखिम रहता है। हालांकि वास्तविक नुकसान तापमान, सिंचाई, बुवाई की तारीख, मिट्टी की स्थिति और क्षेत्रीय मौसम पर निर्भर करेगा।

देश में सामान्य रूप से लगभग 638 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की खेती होती है। इसमें गेहूं का क्षेत्र 300 लाख हेक्टेयर से अधिक बताया जाता है। दलहन और तिलहन भी रबी कृषि व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

El Nino Alert: आटा, दाल और खाद्य तेल की कीमतों पर क्यों पड़ सकता है असर

रबी फसलों की पैदावार पर मौसम का असर पड़ने की स्थिति में कृषि जिंसों की आपूर्ति और कीमतों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। गेहूं की पैदावार प्रभावित होने पर आटे और गेहूं आधारित उत्पादों की कीमतों पर दबाव बन सकता है।

इसी तरह चना और मसूर जैसी दलहन फसलों में फूल आने तथा दाना बनने के समय नमी की कमी उत्पादन को प्रभावित कर सकती है। इससे दालों की उपलब्धता पर असर पड़ने की स्थिति में बाजार कीमतों में बदलाव संभव है।

सरसों जैसी तिलहन फसलों के लिए भी तापमान और कीट गतिविधि महत्वपूर्ण है। गर्म मौसम की स्थिति में कुछ कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है, हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव क्षेत्र और मौसम की स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

El Nino Alert: El Nino क्या है?

El Niño एक जलवायु घटना है, जिसमें भूमध्यरेखीय मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर की समुद्री सतह का तापमान सामान्य से काफी अधिक हो जाता है। इससे वायुमंडलीय परिसंचरण और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मौसमी पैटर्न प्रभावित हो सकते हैं।

भारत में El Niño को अक्सर कमजोर मानसून और गर्म सर्दियों के जोखिम से जोड़ा जाता है, लेकिन हर El Niño का भारतीय मौसम पर प्रभाव एक जैसा नहीं होता। इसलिए आगामी रबी सीजन का वास्तविक असर क्षेत्रवार मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

El Nino Alert: गेहूं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है तापमान?

गेहूं की फसल के लिए दाना भरने की अवधि में अपेक्षाकृत ठंडा मौसम अनुकूल माना जाता है। यदि इस चरण में तापमान तेजी से बढ़ता है, तो फसल जल्दी पक सकती है और दाने का विकास प्रभावित हो सकता है।

इसलिए 2026-27 की रबी फसल में किसानों और कृषि विभागों के लिए बुवाई का सही समय, सिंचाई प्रबंधन, उपयुक्त किस्मों का चयन और मौसम आधारित सलाह महत्वपूर्ण हो सकती है।

 

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