Jharkhand High Court: गुमला की लापता बच्ची के मामले में हाईकोर्ट सख्त, 8 साल से गायब बच्ची पर सरकार से मांगी रिपोर्ट

 झारखंड हाईकोर्ट में गुमला की आठ साल से लापता बच्ची के मामले में सुनवाई हुई। अदालत ने सरकार से जांच रिपोर्ट को लेकर सवाल पूछे और याचिकाकर्ता को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।


Jharkhand High Court रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने गुमला से आठ साल पहले लापता हुई बच्ची के मामले में राज्य सरकार से जांच की स्थिति को लेकर सवाल पूछे हैं। मंगलवार को जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में छह वर्षीय बच्ची के लापता होने से संबंधित याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या बच्ची के मामले में अनुसंधान रिपोर्ट जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), गुमला को भेजी गई थी। साथ ही, अदालत ने राज्य सरकार की ओर से दाखिल शपथ पत्र पर याचिकाकर्ता को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

Jharkhand High Court: प्राथमिकी दर्ज करने में देरी और जांच पर उठे सवाल

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार के शपथ पत्र में वर्ष 2018 से 2022 के दौरान गुमला में तैनात रहे तत्कालीन पुलिस अधीक्षक और अनुसंधानकर्ताओं को क्लीन चिट दे दी गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस अवधि में प्राथमिकी दर्ज करने में अनावश्यक देरी हुई और मामले की जांच भी सही तरीके से नहीं की गई।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि बच्ची की तलाश के लिए वर्तमान में किए जा रहे प्रयासों और उसकी स्थिति के संबंध में अद्यतन जानकारी शपथ पत्र में नहीं दी गई है। अदालत ने मामले से जुड़े तथ्यों पर राज्य सरकार से जानकारी मांगी है।


Key Highlights

  • गुमला की आठ साल से लापता बच्ची के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई।
  • जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने राज्य सरकार से सवाल पूछे।
  • अदालत ने पूछा कि अनुसंधान रिपोर्ट डालसा, गुमला को भेजी गई थी या नहीं।
  • याचिकाकर्ता ने प्राथमिकी दर्ज करने में देरी और जांच में लापरवाही का आरोप लगाया।
  • मुख्य आरोपी भूखली लकड़ा का गांधीनगर में स्वास्थ्य कारणों से नार्को टेस्ट नहीं हो सका।

Jharkhand High Court: डालसा को जांच रिपोर्ट भेजने पर सरकार से सवाल

अदालत ने राज्य सरकार से विशेष रूप से पूछा कि बच्ची के लापता होने के मामले में अनुसंधान रिपोर्ट डालसा, गुमला को भेजी गई थी या नहीं। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार द्वारा दाखिल शपथ पत्र पर याचिकाकर्ता को अपना जवाबी हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

मामले में राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि मुख्य आरोपी भूखली लकड़ा का गुजरात के गांधीनगर में नार्को टेस्ट स्वास्थ्य कारणों से नहीं हो सका था। बच्ची की तलाश, जांच की प्रगति और नार्को टेस्ट नहीं हो पाने से जुड़े पहलू मामले की आगे की सुनवाई में महत्वपूर्ण रहेंगे।

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