Bihar EV Charging Network: बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार कर रही है। इस योजना के तहत ई-बसों के साथ निजी दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए भी चार्जिंग की सुविधा विकसित की जा रही है। परिवहन विभाग के अनुसार, पूर्णिया जिले में चार्जिंग स्टेशन का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और गया जिले में निर्माण कार्य जारी है। इस पहल का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करना और लोगों को ईवी अपनाने के लिए सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराना है।
बस डिपो में लगाए जा रहे आठ-आठ चार्जिंग प्वाइंट
परिवहन विभाग के मुताबिक, प्रत्येक बस डिपो में 50 बसों की क्षमता को ध्यान में रखते हुए आठ-आठ चार्जिंग प्वाइंट लगाए जा रहे हैं। विभाग के अनुसार, इन व्यवस्थाओं के माध्यम से एक बस को लगभग एक से डेढ़ घंटे में चार्ज किया जा सकेगा। वहीं, पटना के फुलवारीशरीफ, राजगीर और मुजफ्फरपुर के बस डिपो में चार्जिंग स्टेशन पहले से संचालित हैं। नए स्टेशनों के निर्माण से बसों के संचालन के लिए चार्जिंग सुविधाओं का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।
पटना के 10 सरकारी परिसरों में बनेंगे फास्ट चार्जिंग स्टेशन
निजी इलेक्ट्रिक वाहनों की सुविधा के लिए पटना के प्रमुख सरकारी परिसरों में फास्ट डीसी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। परिवहन विभाग और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत ये स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। प्रस्तावित स्थानों में मुख्य सचिवालय, बिहार विधानसभा, समाहरणालय, विश्वेश्वरैया भवन, विकास भवन, सिंचाई भवन, मल्टी मॉडल हब कंकड़बाग, बेउर मोड़ और हार्डिंग रोड शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन स्टेशनों पर कार को लगभग 45 से 60 मिनट में चार्ज किया जा सकेगा। दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए भी चार्जिंग की व्यवस्था होगी।
सरकारी चार्जिंग स्टेशन का आम नागरिक भी कर सकेंगे इस्तेमाल
सरकारी परिसरों में स्थापित किए जा रहे इन चार्जिंग स्टेशनों का लाभ केवल अधिकारियों और कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। आम नागरिक भी यहां अपने इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज कर सकेंगे। इससे निजी ईवी मालिकों को सार्वजनिक स्थानों पर चार्जिंग की सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, स्टेशनों के संचालन का समय, शुल्क और आम लोगों के प्रवेश से जुड़ी विस्तृत व्यवस्था की जानकारी अलग से जारी की जा सकती है।
बिहार ईवी नीति 2026 के तहत मिलेगा 10 लाख रुपये तक अनुदान
बिहार ईवी नीति 2026 के तहत सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वालों को मशीनरी और उपकरणों की लागत का 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है। नीति के तहत सरकारी भवनों, व्यावसायिक परिसरों, होटलों, अस्पतालों, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, पेट्रोल पंप, बस स्टैंड और पार्किंग स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा सकते हैं। इसके अलावा, पांच से अधिक परिवारों वाले आवासीय अपार्टमेंट और हाउसिंग सोसाइटी तथा राजमार्गों पर स्थित ढाबों और रेस्तरां में भी ऐसे स्टेशन लगाने का प्रावधान है। इस प्रोत्साहन से राज्य में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


















