Jio IPO Subscription 2026: देश के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के IPO को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। गुरुवार सुबह तक रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित कोटा 100 फीसदी सब्सक्राइब हो गया। इसके साथ ही आईपीओ में आवेदनों की संख्या 40 लाख के पार पहुंच गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उस समय तक आईपीओ का कुल सब्सक्रिप्शन 3.34 गुना हो चुका था। हालांकि, रिटेल कोटा पूरा भरने के बाद भी निवेशकों के पास आवेदन करने का मौका है।
23 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन
जियो आईपीओ में आवेदन की अंतिम तारीख शुक्रवार, 23 अक्टूबर बताई गई है। रिटेल श्रेणी में 100 फीसदी सब्सक्रिप्शन का अर्थ है कि इस श्रेणी के लिए उपलब्ध शेयरों के बराबर मांग आ चुकी है। इसका यह मतलब नहीं है कि आवेदन प्रक्रिया तत्काल बंद हो जाती है। निवेशक अंतिम तारीख तक आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, शेयरों का आवंटन संबंधित श्रेणी में मांग और लागू आवंटन नियमों के आधार पर होगा।
बड़े संस्थागत निवेशकों ने भी दिखाई भारी दिलचस्पी
आईपीओ में बड़े संस्थागत निवेशकों यानी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की श्रेणी में भी मजबूत मांग दर्ज की गई। गुरुवार सुबह तक यह श्रेणी 9.42 गुना सब्सक्राइब हो चुकी थी। यह आंकड़ा संस्थागत निवेशकों की ओर से उपलब्ध शेयरों के मुकाबले कई गुना आवेदन आने का संकेत देता है।
कर्मचारी और शेयरधारक कोटा भी पूरी तरह भरा
जियो आईपीओ में रिलायंस के कर्मचारियों और शेयरधारकों के लिए आरक्षित श्रेणियों में भी मांग उपलब्ध शेयरों से अधिक रही। गुरुवार सुबह तक कर्मचारी कोटा 1.54 गुना और शेयरधारक कोटा 1.79 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। इस तरह रिटेल निवेशकों के अलावा संस्थागत निवेशकों, कर्मचारियों और शेयरधारकों की श्रेणियों में भी आईपीओ को अच्छी प्रतिक्रिया मिली।
निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब?
आईपीओ का कुल सब्सक्रिप्शन 3.34 गुना होने का अर्थ है कि उपलब्ध शेयरों के मुकाबले कुल मांग 3.34 गुना रही। हालांकि, अधिक सब्सक्रिप्शन से शेयर मिलने की गारंटी नहीं होती। आवंटन संबंधित श्रेणी, उपलब्ध शेयरों और लागू नियमों के अनुसार किया जाता है। निवेशकों को आवेदन करने से पहले आईपीओ के आधिकारिक दस्तावेज, मूल्य सीमा, जोखिम और आवंटन से जुड़ी शर्तों की जांच करनी चाहिए।


















