रांची में Karwa Chauth आज मनाया जा रहा है। चक्रवात अर्नब के कारण बादल छा सकते हैं और चंद्रोदय शाम 7:54 बजे होगा।
Google पर 22Scope चुनेंरांची में Karwa Chauth पर चक्रवात अर्नब के प्रभाव से आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। पंचांग के अनुसार शाम 7:54 बजे चंद्रोदय होगा। जानें चांद नहीं दिखने पर पूजा और व्रत पारण का तरीका।
Karwa Chauth 2026 रांची: सुहागिन महिलाओं का प्रमुख पर्व Karwa Chauth आज मनाया जा रहा है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। पारंपरिक रूप से चंद्रमा के दर्शन, पूजन और अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। हालांकि, इस बार मौसम के बदले मिजाज और चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव के कारण रांची में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। ऐसे में चंद्रमा के दर्शन को लेकर व्रतियों की चिंता बढ़ सकती है। पंचांग की गणना के अनुसार, गुरुवार को शाम 7:54 बजे चंद्रोदय का समय बताया गया है।
Karwa Chauth Moonrise Time: रांची में शाम 7:54 बजे चंद्रोदय
पंचांग के अनुसार, रांची में करवा चौथ के दिन शाम 7:54 बजे चंद्रोदय होगा। इसके बाद रात 10 बजे तक चंद्रदेव को अर्घ्य देकर व्रत संपन्न किया जा सकता है। हालांकि, वास्तविक समय में चंद्रमा के दिखाई देने पर स्थानीय मौसम और क्षितिज की स्थिति का भी प्रभाव पड़ सकता है।
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से आसमान में बादल छाए रहने की आशंका है। ऐसे में चंद्रमा के दर्शन में परेशानी हो सकती है। व्रत रखने वाली महिलाओं को स्थानीय मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूजा की तैयारी करनी चाहिए।
चांद दिखाई नहीं दे तो कैसे करें पूजा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि बादलों के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं देता है, तो व्रतियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसी स्थिति में चंद्रोदय के समय चंद्रमा की अनुमानित दिशा की ओर मुख करके पूजा और प्रार्थना की जा सकती है। इसके बाद परंपरा और स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जा सकता है।
हालांकि, इस संबंध में अलग-अलग परंपराओं में विधि का अंतर हो सकता है। इसलिए व्रती अपने परिवार की परंपरा या स्थानीय पुरोहित की सलाह के अनुसार पूजा कर सकती हैं।
रोहिणी नक्षत्र के बाद मृगशिरा नक्षत्र का प्रवेश
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, करवा चौथ पर विशेष नक्षत्र और योग बन रहे हैं। गुरुवार को दोपहर 3:32 बजे तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा। इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र का प्रवेश होगा। वहीं, पूरे दिन परिघ योग रहने की बात कही गई है।
चंद्रमा के वृषभ और मिथुन राशि में गोचर का उल्लेख भी पंचांग की गणना में किया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ पर चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व होता है। महिलाएं चंद्रदेव को अर्घ्य देकर पति की लंबी आयु, परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली की कामना करती हैं।
Karwa Chauth 2026 को रांची में चंद्रोदय का समय क्या है?
पंचांग के अनुसार, रांची में गुरुवार को शाम 7:54 बजे चंद्रोदय होगा। इसके बाद रात 10 बजे तक व्रत का पारण किया जा सकता है।
अगर चांद दिखाई न दे तो Karwa Chauth पूजा कैसे करें?
यदि बादलों के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं देता है, तो चंद्रोदय के समय चंद्रमा की अनुमानित दिशा की ओर मुख करके पूजा और प्रार्थना की जा सकती है। इसके बाद परंपरा के अनुसार अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जा सकता है।
Karwa Chauth पर महिलाएं यह व्रत क्यों रखती हैं?
महिलाएं पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ यह निर्जला व्रत रखती हैं।
रांची में Karwa Chauth पर मौसम कैसा रहेगा?
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से रांची में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे चंद्रमा के दर्शन में परेशानी हो सकती है।
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