JPSC 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा Paper Leak Case मामले में CID 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट की तैयारी कर रही है। जांच में रांची, हजारीबाग और पटना के कोचिंग संचालकों की भूमिका सामने आने का दावा है।
JPSC Paper Leak Case रांची: JPSC की 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े कथित Paper Leak Case मामले में सीआइडी की जांच तेज हो गई है। जांच एजेंसी अब 10 अन्य अभियुक्तों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। इससे पहले 12 मुख्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। जांच के दौरान जब्त डायरी, व्हाट्सएप चैट, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के फॉरेंसिक विश्लेषण में रांची, हजारीबाग और पटना के कुछ कोचिंग संचालकों की भूमिका की जांच की जा रही है। सीआइडी का फोकस कथित तौर पर कोचिंग संचालकों, बिचौलियों और टीडीपीएल नेटवर्क के बीच संबंधों का पता लगाने पर है।
JPSC Case: 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट की तैयारी
मामले की जांच के दौरान सीआइडी ने अभियुक्त अरविंद और सुमन सौरभ के पास से डायरी, व्हाट्सएप चैट और मोबाइल डेटा समेत कई साक्ष्य जब्त किए थे। इनकी एफएसएल जांच और तकनीकी विश्लेषण के दौरान कोचिंग संचालकों के साथ संपर्क से जुड़े साक्ष्य मिलने की जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसी पहली चार्जशीट में शामिल 82 जब्तियों के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पूरक आरोपपत्र का मसौदा तैयार कर रही है। इसमें 10 अन्य अभियुक्तों के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए जाने की तैयारी है। प्रस्तावित चार्जशीट में रांची, हजारीबाग और पटना के उन कोचिंग संचालकों की भूमिका प्रमुखता से शामिल की जा सकती है, जिन पर अभ्यर्थियों और कथित बिचौलियों के बीच संपर्क स्थापित कराने का संदेह है।
Paper Leak:कोचिंग संचालकों और बिचौलियों के गठजोड़ की जांच
सीआइडी की जांच के अनुसार, कुछ कोचिंग संचालकों पर केवल परीक्षा की तैयारी कराने तक सीमित नहीं रहने, बल्कि चयन की गारंटी के नाम पर अभ्यर्थियों से कथित तौर पर मोटी रकम जुटाने और उन्हें बिचौलियों तक पहुंचाने का आरोप है। जांच में मुख्य बिचौलिये अभय कुमार तिवारी और टीडीपीएल नेटवर्क से कथित संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
पूरक चार्जशीट में बैंक खातों के लेन-देन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को शामिल किए जाने की तैयारी है। टीडीपीएल के चडरीटोला स्थित कथित अवैध कार्यालय से बरामद हार्ड डिस्क और अमेजन क्लाउड से मिले डेटा की भी जांच की जा रही है। इन रिकॉर्ड्स का कोचिंग संस्थानों से जब्त दस्तावेजों के साथ मिलान किया गया है।
अभ्यर्थियों के विवरण और इंटरव्यू सूची की भी जांच
जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ कोचिंग संस्थानों के जरिए अभ्यर्थियों के रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन विवरण और मोबाइल नंबर आयोग के तत्कालीन पदाधिकारियों तथा प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट से संबंधित एजेंसी तक पहुंचाए जाने के आरोपों की पड़ताल की गई है।
पूर्व आयोग अध्यक्ष एल खियांग्ते के आवास से बरामद 15 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू कोड और वरीयता सूची से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है। सीआइडी को इस सूची के पीछे कोचिंग संचालकों की संभावित भूमिका से संबंधित तकनीकी साक्ष्य मिलने की जानकारी दी गई है।
पैसों के लेन-देन की मनी ट्रेल खंगाल रही सीआइडी
सीआइडी ने कथित तौर पर कोचिंग संचालकों और अभ्यर्थियों के परिजनों के बीच हुए वित्तीय लेन-देन की मनी ट्रेल तैयार की है। इसमें नकद भुगतान, चेक और ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से ट्रांसफर की गई रकम का ब्योरा शामिल बताया गया है।
जांच एजेंसी सर्वर से मिले डेटा और कोचिंग संस्थानों से जब्त रिकॉर्ड्स का मिलान कर रही है। जांच में इस आशंका की भी पड़ताल की जा रही है कि परीक्षा से पहले ही उत्तरों और ओएमआर शीट में कथित हेरफेर की योजना बनाई गई थी। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
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