Nisha Bhagat Case, गिरिडीह: आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत को लेकर झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मामले की सीबीआई जांच कराने और निशा भगत को न्याय दिलाने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को गिरिडीह में विरोध प्रदर्शन किया। शहर के गांधी चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा ने जिले के अलग-अलग मंडलों में भी पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया।
‘यह आत्महत्या नहीं, प्रशासनिक हत्या है’, भाजपा ने उठाए सवाल
निशा भगत की मौत के मामले को लेकर भाजपा ने नारा दिया है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक हत्या है। इसी आरोप के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं ने शनिवार शाम गांधी चौक पर प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सीबीआई से जांच कराने की मांग उठाई। हालांकि, प्रशासनिक हत्या का आरोप भाजपा की ओर से लगाया गया है।
गांधी चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन
गांधी चौक पर आयोजित कार्यक्रम में कोडरमा सांसद प्रतिनिधि सह भाजपा नेता दिनेश यादव, वार्ड पार्षद संजीव सिंह उर्फ गुड्डू, भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता और महिला मोर्चा की प्रतिनिधि शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से निशा भगत की मौत के मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।
गिरिडीह के 16 मंडलों में विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम
भाजपा ने विरोध प्रदर्शन को केवल गिरिडीह शहर तक सीमित नहीं रखा। पार्टी की ओर से जिले के कुल 16 मंडलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया। इनमें डुमरी, पीरटांड़, बेंगाबाद, गांडेय, अहिल्यापुर, पचंबा और गिरिडीह नगर सहित अन्य मंडल शामिल रहे। अधिकांश मंडलों में शाम पांच बजे पुतला दहन का समय निर्धारित किया गया था, जबकि पीरटांड़ और बेंगाबाद में शाम चार बजे कार्यक्रम रखा गया।
सीबीआई जांच की मांग पर भाजपा ने जारी रखने की बात कही विरोध
भाजपा नेताओं ने कहा कि जब तक निशा भगत को न्याय नहीं मिलता और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं होती, तब तक पार्टी का विरोध जारी रहेगा। इस प्रदर्शन के जरिए भाजपा ने राज्य सरकार से पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब इस मामले में राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।
रिपोर्ट: अमित कुमार, गिरिडीह
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