हजारीबाग के चौपारण में 80 लाख की शराब लूट और ट्रक चालक की संदिग्ध हत्या पर झारखंड शराब व्यापारी संघ ने चिंता जताई। GPS Tracking, पैनिक बटन और बूम बैरियर अनिवार्य करने की मांग की।
GPS Tracking System हजारीबाग: हजारीबाग जिले के चौपारण में करीब 80 लाख रुपये मूल्य की 1100 पेटी विदेशी शराब से लदे ट्रक के खाली मिलने और ट्रक चालक का शव कुएं से बरामद होने की घटना ने राज्य की परिवहन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर झारखंड शराब व्यापारी संघ ने गहरी चिंता जताई है। संघ ने राज्य सरकार और उत्पाद विभाग से शराब की ढुलाई करने वाले वाहनों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल अनिवार्य करने की मांग की है।
संघ के महासचिव सुबोध कुमार जायसवाल ने कहा कि शराब की खेप की सुरक्षा के साथ-साथ सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ट्रक चालक की जान बचाने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था में कई स्तरों पर सुधार की जरूरत है। संघ लंबे समय से जीपीआरएस ट्रैकिंग सिस्टम और शराब फैक्ट्रियों में बूम बैरियर लगाने की मांग करता रहा है।
GPS Tracking System:80 लाख की शराब लूट की घटना ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
संघ के महासचिव सुबोध कुमार जायसवाल ने कहा कि चौपारण की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। करीब 1100 पेटी विदेशी शराब से लदे ट्रक का खाली मिलना और चालक का शव कुएं से बरामद होना इस बात का संकेत है कि शराब के परिवहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि यदि ट्रकों में जीपीआरएस ट्रैकिंग सिस्टम प्रभावी तरीके से काम कर रहा होता और उसकी नियमित निगरानी की जाती, तो निर्धारित रास्ते से वाहन के भटकने, अचानक रुकने या ट्रैकिंग सिस्टम बंद होने की जानकारी समय रहते मिल सकती थी।
संघ का मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से न केवल शराब की खेप की निगरानी संभव है, बल्कि आपात स्थिति में चालक की जान बचाने में भी मदद मिल सकती है।
GPS Tracking System:GPS Tracking और Panic Button अनिवार्य करने की मांग
झारखंड शराब व्यापारी संघ ने सरकार और उत्पाद विभाग के सामने आठ प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें शराब परिवहन करने वाले सभी वाहनों में सक्रिय जीपीआरएस ट्रैकिंग सिस्टम और इमरजेंसी पैनिक बटन लगाने की मांग प्रमुख है।
संघ ने कहा कि उत्पाद विभाग में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम बनाया जाना चाहिए। यदि कोई वाहन निर्धारित रूट से हटता है, जीपीआरएस बंद होता है या संदिग्ध परिस्थितियों में रुकता है, तो तत्काल अलर्ट जारी होना चाहिए।
इसके अलावा शराब निर्माण फैक्ट्रियों और बॉटलिंग प्लांट के प्रवेश एवं निकास द्वार पर बूम बैरियर, सीसीटीवी कैमरे और डिजिटल वाहन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था अनिवार्य करने की मांग की गई है।
फैक्ट्री से निकलने वाले प्रत्येक वाहन की शराब की मात्रा, वाहन नंबर, चालक का विवरण, सील नंबर और निर्धारित गंतव्य का डिजिटल रिकॉर्ड रखने की भी मांग की गई है। संघ चाहता है कि शराब की खेप गंतव्य तक पहुंचने और उसकी प्राप्ति की पुष्टि होने तक ऑनलाइन निगरानी जारी रहे।
Key Highlights
हजारीबाग के चौपारण में करीब 80 लाख रुपये की 1100 पेटी विदेशी शराब लदे ट्रक के खाली मिलने का मामला।
ट्रक चालक का शव कुएं से बरामद होने के बाद शराब व्यापारी संघ ने जताई चिंता।
सभी शराब परिवहन वाहनों में GPS Tracking और Panic Button अनिवार्य करने की मांग।
शराब फैक्ट्रियों में CCTV कैमरे, बूम बैरियर और डिजिटल वाहन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू करने की मांग।
संघ ने कहा कि शराब के नुकसान की भरपाई बीमा से हो सकती है, लेकिन चालक की जान अनमोल है।
GPS Tracking System:बीमा क्लेम से ज्यादा जरूरी है चालक की सुरक्षा
सुबोध कुमार जायसवाल ने कहा कि शराब की खेप के नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी से क्लेम लेकर की जा सकती है, लेकिन किसी चालक की जान वापस नहीं लाई जा सकती। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। इसलिए केवल आर्थिक नुकसान की भरपाई पर ध्यान देने के बजाय मानवीय जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी।
उन्होंने राज्य सरकार और उत्पाद विभाग से इस घटना को चेतावनी के रूप में लेने और परिवहन सुरक्षा के लिए ठोस नियमावली तैयार करने की अपील की।
संघ ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, गायब शराब की बरामदगी सुनिश्चित करने तथा दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग भी की है।
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