Patna-बदलते घटनाक्रम में जदयू ने झारखंड जदयू प्रदेश अध्यक्ष खीरु महतो को राज्य सभा उम्मीदवार घोषित कर दिया है. इसके साथ ही कई दिनों से पटना में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम का पटाक्षेप हो गया और साथ ही साथ आरसीपी सिंह की चर्चा पर भी विराम लग गया.
बता दें कि हाल के दिनों में आर.सी.पी सिंह का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से रिश्ते सामान्य नहीं रहने की खबरें आ रही थी. बताया जा रहा था कि आर.सी.पी सिंह जदयू से ज्यादा भाजपा के ज्यादा करीबी हो गये थें.
आरसीपी सिंह कई दिनों से पटना में डेरा डाले हुए थें, उनकी कोशिश किसी प्रकार एक बार फिर से राज्य सभा का टिकट पाने की थी. लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आखिरकार झारखंड जदयू प्रदेश अध्यक्ष और पुराने कार्यकर्ता रहे खीरु महतो के नाम पर अपनी मोहर लगा दी.
इस प्रकार यह भी साफ हो गया कि आरसीपी सिंह अब अधिक से अधिक छह माह तक केन्द्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा रह सकेंगे, उसके बाद उनके पास एक मात्र विकल्प केन्द्रीय मंत्रिमंडल से बाहर निकलने का होगा.
झारखंड प्रदेश जदयू प्रदेश अध्यक्ष है खीरु महतो
यहां यह भी बता दें कि खीरु महतो को राजनीतिक कद काफी छोटा माना जाता है, वह 2005 में जदयू से विधान सभा भी पहुंचने में सफल रहे थे. लेकिन उसके बाद वह विधान सभा तक भी पहुंचने में सफल नहीं रहे. उनके राजनीतिक जीवन पर विराम लगता दिख रहा था, जदयू का भी झारखंड में कोई खास पकड़ नहीं है, दिन पर दिन जदयू की सांगठनिक पकड़ कमजोर होती जा रही है.
इस प्रकार अचानक से झारखंड प्रदेश जदयू अध्यक्ष रहे खीरु महतो को राज्य सभा का टीकट मिल जाना उनके राजनीतिक जीवन के लिए एक वरदान ही साबित हो सकता है. इसके साथ ही यह भी कहा जा सकता है कि जदयू में किसी भी साधारण से कार्यकर्ता को अचानक से बड़ी जिम्मेवारी मिल सकती है, इसके पहले जदयू ने राज्य सभा के लिए जिस अनिल हेगड़े को राज्य सभा को भेजे जाने की घोषणा की थी. अनिल हेगड़े का कद भी कोई बड़ा नहीं था, और न ही बिहार में उनकी कोई पकड़ थी. फिर भी जदयू ने राज्य सभा का उम्मीदवार बनाया था.
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