किशनगंज : भारत देश पुरा जाति व्यवस्था पर ही मौजूद है और देश के विकास के लिए जातीय आधारित जनगणना जरूरी है। AIMIM के विधायक सह प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान ने बताया कि चुनाव में टिकट का वितरण, स्कूल में बच्चों का नामंकन जाति के आधार पर और नौकरी भी जाति के आधार पर ही मिलती है।
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार के सभी पार्टियों का प्रतिनिधमंडल जातीय आधारित जनगणना कराने को लेकर मिला था और पीएम से आग्रह किया गया कि आप सबका साथ सबका विकास का नारा लगाते हैं पर जबतक सबका सामाजिक और आर्थिक विकास नहीं होगा, यह सपना साकार नहीं होगा। इसलिए जातीय आधारित जनगणना जरूरी है। विधायक ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने में जातीय आधारित जनगणना हुई थी उसके बाद नहीं हुई।
AIMIM विधायक ने बिहार में आयोजित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का विरोध करते हुए कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर बिहार सरकार का फैसला गलत है, एक तरफ सरकार गुड गवर्नेंस की बात करती है और दूसरी तरफ 38 जिलो में चार महीनों में चुनाव करा रही है। जिससे विकास का काम ठप्प पड़ जाएगा और चार महीनों में जनता का सारा काम बंद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एक जिला में एक दिन में दो-दो प्रखंड का चुनाव कराते तो बीस दिन में सब समाप्त हो जाता। उन्होंने कहा कि बिहार में पंचायत चुनाव संसदीय चुनाव से बड़ा चुनाव हो गया है। बिहार के विकास को इससे काफी नुकसान होगा और इससे चुनाव का खर्च बढ़ेगा। उम्मीदवार और जनता की भी परेशानी बढ़ जाएगी।


















