Patna– बिहार विधान सभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने से इन्कार कर दिया है.
आरोपों के बीच में त्यागपत्र देना आत्मसम्मान के विरुद्ध होगा.
अब तक अपना काम बगैर किसी भय और पक्षपात के किया है,
लोकतंत्र में आस्था है, जब तक पद पर हूं, उसके दायित्वों से बंधा हूं.
इस्तीफा देने से इन्कार : नियमों की अनदेखी कर भेजा गया नोटिस- विधान सभा अध्यक्ष विजय सिन्हा
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मेरे विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है.
लेकिन मैंने अपने आप पर विश्वास किया.
मेरे विरुद्ध जो अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सचिवालय को भेजा गया है,
उसमें नियमों की अनदेखी की गयी.
साथ ही नोटिस में दुर्भाग्यपूर्ण और निराधार आरोप लगाए गए.
इन आरोपों के बीच त्यागपत्र देता है तो यह व्यक्तिगत आस्था और आत्म सम्मान के विरुद्ध होता.
इसलिए इस अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए इस्तीफा नहीं दूंगा.
आज बिहार विधानसभा ने आज विधान सभा के विशेष सत्र को लेकर बैठक किया.
बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक के साथ- साथ कई विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहें.
इस बैठक में दो दिनों की विशेष सत्र क सुचारु रुप से संचालन पर चर्चा हुई.
विधान सभा अध्यक्ष ने इसको लेकर अधिकारियों को कई दिशा निर्देश भी दियें.
बिहार की राजनीति में बिहार विधानसभा के स्पीकर विजय सिन्हा का अगला कदम क्या होगा इसको लेकर सबको इंतजार है.
इस्तीफा देने से इन्कार :पहली बार सत्ता पक्ष के अविश्वास का सामना करेंगे विजय सिन्हा
विजय सिन्हा यदि अपना इस्तीफा देने से इन्कार करते हैं तो सत्ता पक्ष के अविश्वास का सामना करेंगे .
उनके पक्ष में सिर्फ भाजपा के 76 सदस्य हैं,
जबकि विरोध में 164 सदस्यों का सत्ता पक्ष है.
ऐसे में उनका टिक पाना असंभव है.
इस बीच नैतिकता के आधार पर उनसे इस्तीफे की मांग की जाने लगी है.
डिप्टी स्पीकर महेश्वर हजारी ने कहा है कि विजय सिन्हा को त्यागपत्र दे देना चाहिए.
उन्हें पता है कि उनके पास पर्याप्त संख्या नहीं है.
ऐसे में कोई अन्य विकल्प भी नहीं बचता और मैं अपना इस्तीफा देने से इनकार करता हूं.

















