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फल्गु नदी पर बने देश के सबसे बड़े रबर डैम का उद्घाटन करेंगे सीएम नीतीश, जानिए खासियत

निर्माण में खर्च हुए 312 करोड़ रुपए, पर्यावरण पर नहीं पड़ेगा कोई प्रतिकूल प्रभाव

दो साल बाद पितृपक्ष मेले की होगी शुरुआत

गया : फल्गु नदी पर बने रबर डैम- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज गया में पितृपक्ष मेला और

फल्गु नदी पर बने रबर डैम का उद्घाटन करेंगे. दो साल बाद पितृपक्ष मेले का आयोजन हो रहा है.

उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी कार्यक्रम में शामिल होंगे. ये देश का सबसे बड़ा रबर डैम है.

मुख्यमंत्री आज सीताकुंड तक जाने के लिए बने स्टील ब्रिज का भी उद्घाटन करेंगे.

411 मीटर लंबे इस पुल को रबर डैम के उपर बनाया गया है जिसपर लोग पैदल आ- जा सकेंगे.

सीताकुंड तक पहुंचने में लोगों को होगी सहुलियत

स्टील पुल के बन जाने से पिंडदान के लिए सीताकुंड तक पहुंचने में लोगों को काफी सहुलियत होगी.

फल्गु नदी में विष्णुपद मंदिर के पास हमेशा जल मौजूद रहे इसके लिए गयाजी डैम का भी निर्माण कराया गया है.

फल्गु नदी में हमेंशा पानी नहीं रहने की वजह से पिंडदान करने वालों को परेशानी होती थी,

लेकिन अब उन्हे इससे निजात मिल जाएगी.

फल्गु नदी पर बने रबर डैम: भूमिगत नाला का भी किया गया निर्माण

रबड़ पुल का निर्माण मंदिर के पास नदी के प्रवाह के रोकने के लिए किया गया है.

ताकि हमेशा पानी मौजूद रहे. पुल में 65-65 मीटर की लंबाई के 6 स्पैन है.

इसके रबड़ ट्यूब में स्वचालित विधि से हवा भरी और निकाली जा सकती है.

इसके जरिए पानी के प्रवाह और भंडारण को संचालित किया जा सकेगा.

श्रद्धालुओं द्वारा पिंडदान के समय उपयोग के बाद पानी की स्वच्छता को बनाए

रखने के लिए भूमिगत नाला का भी निर्माण किया गया है.

जानें रबर डैम की खासियत

रबर डैम की खासियत बताते हुए हाइड्रो कंस्ट्रक्ट के प्रकाश रेड्डी ने बताया कि यह डैम अपने आप में काफी खास है.

योजना के तहत मंदिर के 300 मीटर निम्न प्रवाह में फल्गु नदी के बाएं तट पर 411 मीटर लंबा, 3 मीटर ऊंचा रबर डैम का निर्माण कराया गया है. इसमें फल्गु नदी के सतही और उप-सतही जल प्रवाह को रोककर जल का संचयन किया गया है और ठहरे हुए पानी के समय-समय पर प्रतिस्थापन के लिए बोरवेल की स्थापना की गई है.

फल्गु नदी पर बने रबर डैम: सीपेज रोकने की व्यवस्था

नदी जल के भू-गर्भ प्रवाह (सीपेज) को रोकने के लिए रबर डैम के एक्सिस के नीचे और दाएं-बाएं तट के

पास नदी तल के नीचे रॉक लेवल तक 1,031 मीटर लंबाई में आधुनिक तकनीक युक्त शीट पाइल और 300 मीटर में डायफ्राम वॉल का निर्माण किया गया है. ऐसे निर्माण से नदी के जल का भंडारण सुनिश्चित होगा और सीपेज अत्यंत कम होगी.

देश के सबसे बड़े रबर डैम का सीएम नीतीश ने किया उद्घाटन, अब फल्गु नदी में रहेगा पानी

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