Ranchi-अबकी बार 65 पार- जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा है कि कभी संताल परगना को जेएमएम का गढ़ माना जाता था, लेकिन 1932 का खतियान और ओबीसी आरक्षण की सीमा को विस्तार देने के बाद यह धारणा बदली है, अब जेएमएम का सामाजिक दायरा बढ़ा है. अब जेएमएम सिर्फ संताल की पार्टी नहीं रही, अब पूरा झारखंड ही उसका गढ़ बन चुका है.
अबकी बार 65 पार- मुद्दा विहीन हो चुकी है भाजपा
मनोज पांडे ने दावा किया है कि पिछली बार जेएमएम ने तीस सीटों पर विजय हासिल किया था.
लेकिन अबकी बार हम अपने बुते सरकार बनाने की स्थिति में होंगे.
हालांकि हम सरकार महागठबंधन के सहयोगियों के साथ ही बनायेंगे.
मनोज पांड ने कहा कि झारखंड में अब भाजपा को कोई जनाधार बचा ही नहीं है.
1932 का खतियान और ओबीसी आरक्षण लागू होने के बाद भाजपा मुद्दा विहीन हो चुकी है.
हम महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे और 65 पार जायेंगे.
कमल के साथ ही डूबेंगे बाबूलाल
बाबूलाल मरांडी को आधारहीन नेता बताते हुए मनोज पांडे ने कहा कि
पिछली बार वह कंधी के साथ चुनाव जीत गये थें,
लेकिन इस बार उन्हें कमल के साथ ही डूबना पड़ेगा.
उनकी राजनीति अब झारखंड में चलने वाली नहीं है, वह बहुत उछल कुद कर चुके हैं,
अब उनका डूबना तय है.
सीता सोरेन के करीबी जेएमएम नेता राकेश पासवान 6 वर्षों के लिए निष्कासित

















