Maa Sita Women University, पटना: बिहार में प्रस्तावित मां सीता महिला विश्वविद्यालय को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय के संबंध में कोई भी निर्णय संबंधित हितधारकों के साथ विचार-विमर्श और उनके सुझावों को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा। फिलहाल इस विश्वविद्यालय को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री संजय सिंह टाइगर को निर्देश दिया है कि बिहार विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की जाए।
हितधारकों के साथ बैठक के बाद तय होगी आगे की रणनीति
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि प्रस्तावित मां सीता महिला विश्वविद्यालय से जुड़े सभी हितधारकों के साथ बैठक आयोजित की जाए। बैठक में उनके विचारों और सुझावों को सुना जाएगा। इसके बाद प्राप्त सुझावों के आधार पर विश्वविद्यालय को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा। सरकार का जोर इस प्रक्रिया में संबंधित पक्षों की राय को शामिल करने पर है, ताकि किसी भी निर्णय से पहले सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार किया जा सके।

विधान परिषद चुनाव के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि बिहार विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक इस विषय पर आगे की कार्रवाई नहीं की जाए। चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद हितधारकों के साथ विचार-विमर्श शुरू किया जाएगा। इस निर्देश के बाद प्रस्तावित विश्वविद्यालय को लेकर फिलहाल किसी अंतिम फैसले की घोषणा नहीं की गई है। आगे की प्रक्रिया हितधारकों की बैठक और उनसे प्राप्त सुझावों पर निर्भर करेगी।

उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर को मिली जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री संजय सिंह टाइगर को इस विषय में आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्हें संबंधित हितधारकों के साथ विचार-विमर्श की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया है। बैठक में सामने आने वाले सुझावों को ध्यान में रखते हुए ही प्रस्तावित मां सीता महिला विश्वविद्यालय के संबंध में आगे का निर्णय लिया जाएगा। सरकार की ओर से फिलहाल विश्वविद्यालय के स्वरूप, स्थापना या अन्य पहलुओं पर कोई अंतिम निर्णय घोषित नहीं किया गया है।
मां सीता महिला विश्वविद्यालय पर सबकी नजर
बिहार में प्रस्तावित मां सीता महिला विश्वविद्यालय को लेकर अब हितधारकों के साथ होने वाली चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश से स्पष्ट है कि सरकार आगे बढ़ने से पहले संबंधित पक्षों के विचार और सुझाव जानना चाहती है। विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद ही विश्वविद्यालय के संबंध में अगला कदम स्पष्ट हो सकेगा।


















