Ranchi-रामगढ़ विधायक ममता देवी- झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत में
रामगढ़ की विधायक ममता देवी के खिलाफ जारी वारंट को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई.
सुनवाई के बाद अदालत ने ममता देवी को राहत प्रदान करते हुए निचली अदालत के वारंट को खारिज कर दिया.
विधायक ममता देवी को दो नंवबर तक बयान दर्ज करवाने का आदेश
इसके अलावा अदालत ने ममता देवी को दो नवंबर तक
अपना बयान निचली अदालत में दर्ज कराने का निर्देश दिया है.
सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता एके कश्यप ने अदालत को बताया
कि एक मामले में आरोपित का बयान (313) दर्ज कराने के दौरान उपस्थित नहीं थी.
जबकि इसके लिए उनकी ओर से अधिवक्ता के माध्यम से आवेदन दाखिल किया गया.
अगर कोर्ट ने आवेदन खारिज किया था तो भी उन्हें एक और मौका देना चाहिए था.
लेकिन उनकी ओर से ममता देवी की जमानत को रद्द करते हुए बेलर को नोटिस जारी कर दिया.
इसके अलावा इसकी सूचना एसपी और स्पीकर को भी भेज दी.
ऐसा करना उचित नहीं है. इसलिए वारंट के आदेश को निरस्त किया जाए.
इसके बाद अदालत वारंट के आदेश को निरस्त कर दिया.
अदालत ने कहा कि ममता देवी दो नवंबर तक निचली अदालत में अपना बयान दर्ज करा सकती है
नागरिक चेतना मंच के बैनर तले दिया गया था धरना
बता दें कि 20 अगस्त 2016 को रामगढ़ के गोला थाना क्षेत्र में आइपीएल कंपनी को बंद कराने को लेकर
कंपनी के सामने ममता देवी के नेतृत्व नागरिक चेतना मंच के बैनर तले
150-200 संख्या में ग्रामीण धरना पर बैठे थे.
इस दौरान ग्रामीण उग्र हो गए थे.
पुलिस को आत्मरक्षा और बचाव को लेकर फायरिंग करनी पड़ी थी.
इस घटना में कुछ लोगों की मौत और दो से तीन दर्जन लोग घायल भी हो गए थे.
इसी मामले में उनका बयान दर्ज कराया जाना है.
बता दें कि एक मामले में निर्धारित तिथि को ममता देवी ने बयान दर्ज नहीं कराया था.
जिसके बाद निचली अदालत ने उनके खिलाफ जमानतीय वारंट जारी किया था.
निलंबित आईएएस पूजा सिंघल की जमानत पर सुनवाई
जस्टिस अंबुज नाथ की अदालत में मनी लांड्रिंग के आरोपी निलंबित आईएएस पूजा सिंघल की जमानत पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से शपथ पत्र दाखिल कर दिया गया.
अब इस मामले में दुर्गा पूजा अवकाश के बाद सुनवाई होगी.
पूजा सिंघल की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर जमानत देने की गुहार लगाई गई है.
याचिका में कहा गया है कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है
इसके अलावा उन्हें कई बीमारियां हैं इसलिए उन्हें जमानत की सुविधा प्रदान किए जाए.

















