NEW DELHI: संविधान दिवस के मौके पर नई दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट में
आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी
ने कहा कि संविधान सभा की महिला सदस्यों के योगदान
के बारे में भी बात करने की जरुरत है. उन्होंने इस मौके पर
कहा कि लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत की
पहचान को और मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया.
स्थित सुप्रीम कोर्ट में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित
करते हुए प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी ने कहा कि संविधान सभा
की महिला सदस्यों के योगदान के बारे में भी बात करने की जरुरत है.
उन्होंने इस मौके पर कहा कि लोकतंत्र की जननी
के रूप में भारत की पहचान को और मजबूत

करने की जरूरत पर बल दिया.
स्थित सुप्रीम कोर्ट में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित
करते हुए प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी ने कहा कि संविधान सभा
महिला सदस्यों के योगदान के बारे में भी बात करने की जरुरत है.
उन्होंने इस मौके पर कहा कि लोकतंत्र की जननी के रूप में
भारत की पहचान को और मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया.
स्थित सुप्रीम कोर्ट में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी ने कहा कि संविधान सभा की महिला सदस्यों के योगदान के बारे में भी बात करने की जरुरत है. उन्होंने इस मौके पर कहा कि लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत की पहचान को और मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया.
उन्होंने कहा कि हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा और ताकत हमारा संविधान है. व्यक्ति हो या संस्थान, हमारे कर्तव्य हमारी पहली प्राथमिकता हैं. अमृत काल हमारे लिए कर्तव्यों का युग है.
ई-कोर्ट परियोजना के नई पहलों की भी शुरुआत
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान रिमोट का बटन दबाकर ई-कोर्ट परियोजना के तहत विभिन्न नई पहलों की भी शुरुआत की, जिसमें वर्चुअल जस्टिस क्लॉक, जस्टआईएस मोबाइल ऐप 2.0, डिजिटल कोर्ट और एस3डब्ल्यूएएएस वेबसाइट शामिल हैं. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका समय पर न्याय के लिए कई कदम उठा रही है. आज शुरू की गई ई-पहल सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक और कदम है.
मौजूदा परिदृश्य में विश्व की नजर भारत परः पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में पूरे विश्व की नजर भारत पर है. उन्होंने कहा कि अपनी स्थिरता को लेकर तमाम शुरुआती आशंकाओं को धता बताते हुए भारत पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है और अपनी विविधता पर गर्व कर रहा है. उन्होंने इस सफलता का श्रेय संविधान को दिया.
उन्होंने कहा संविधान की यही भावना भारत की मूल भावना है, जो विश्व में लोकतंत्र की जननी रही है. उन्होंने कहा- आधुनिक समय में, संविधान ने राष्ट्र की सभी सांस्कृतिक और नैतिक भावनाओं को अपनाया है.
एक सप्ताह के भीतर भारत जी-20 की अध्यक्षता प्राप्त करेगा
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर, भारत जी-20 की अध्यक्षता प्राप्त करने जा रहा है, और एक टीम के रूप में दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत की पहचान को और मजबूत करने की आवश्यकता है
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