
रांची:रांची के खेलगांव खटंगा की 15 वर्षीय बच्ची को काम दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर बेच दिया गया। पीड़िता की मां बीते छह महीनों से एफआईआर दर्ज कराने के लिए भटक रही है, लेकिन अब तक केस दर्ज नहीं हुआ है। बुधवार को वह चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन के सचिव बैद्यनाथ कुमार से मिली और उनकी मदद से डीजीपी अनुराग गुप्ता को लिखित शिकायत दी। मां ने आरोप लगाया कि अखिलेश कुमार नामक व्यक्ति उनकी बेटी को काम दिलाने के नाम पर अपने साथ ले गया और उसे बेच दिया। उन्होंने डीजीपी से बेटी को जल्द से जल्द खोजने की गुहार लगाई।
घटना अगस्त 2024 की है। बच्ची की मां खेलगांव स्थित एक कबाड़ी की दुकान पर काम करती थी, जहां अखिलेश भी कार्यरत था। 10 अगस्त 2024 को अखिलेश ने फोन कर बताया कि वह उसकी बेटी को बाहर काम दिलाने ले जा रहा है, लेकिन इसके बाद से बच्ची वापस नहीं लौटी। अखिलेश बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला है।
महिला के अनुसार, जब उसने अखिलेश से बेटी के बारे में पूछा तो उसने पहले पुणे ले जाने की बात कही। जब वह पुणे पहुंची, तो अखिलेश ने हैदराबाद जाने का दावा किया। महिला वहां भी गई, लेकिन कोई पता नहीं चला। इसके बाद अखिलेश ने गुजरात में होने की बात कही, पर वहां भी कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार, जब महिला मुजफ्फरपुर स्थित अखिलेश के घर पहुंची, तो वहां के घरवालों ने उसके साथ मारपीट कर भगा दिया।
महिला ने बताया कि जब वह मुजफ्फरपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराने पहुंची, तो पुलिस ने उसे रांची जाकर शिकायत दर्ज कराने को कहा। इसके बाद उसने 22 जनवरी को खेलगांव थाने में आवेदन दिया, लेकिन वहां केवल सनहा दर्ज कर एक रसीद दे दी गई। पुलिस ने अब तक बच्ची को खोजने का कोई प्रयास नहीं किया, जिससे महिला न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।




