गया : जिला के बोधगया प्रखण्ड अंतर्गत मगध विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के बोधगया-डोभी मुख्य सड़क के जिन्दापुर के पास रहे आईएल एण्ड एफएस के डंपिंग प्वाइंट में अचानक आग लग गई. दो घंटे तक समान जलने से निकले धुआं को पांच किमी से देख लोग मौके पर पहुंचे. और इसकी सूचना कंपनी के स्टाफ को दी. जिसके बाद स्टाफ ने इसकी सूचना फायरब्रिगेड एवं पुलिस को दी.

काले धुएं का गुब्बार देख वहां पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि आग कर्मचारियों द्वारा लगाया गया है. लोगों का कहना है कि डंपिंग में रखे बड़े-बड़े कई टैंकरों में डीजल या अन्य कोई ज्वलनशील पदार्थ भरा हुआ था. जिसे गैस कटर से कांटा जा रहा था. क्योंकि डंपिंग को जल्द से जल्द खाली कर कंपनी को यहां से जाना है. गैस कटर से टंकी काटने के दौरान उसमें रही ज्वलनशील पदार्थ में चिंगारी से आग लग गई. देखते ही देखते हजारों लीटर तेल जमीन पर फैल गया और धीरे-धीरे आग फैल गई. जब आग पर स्टाफ द्वारा काबू नहीं पाया गया तो इसकी सूचना दो घंटे बाद फायरब्रिगेड को दी गई. दो घंटे तक भी कंपनी के स्टाफ द्वारा इसकी सूचना पुलिस को न देना संदेह पैदा करता है. डंपिंग सेंटर में लगे आग के काले धुआं आस-पास के इलाकों को ढक लिया था.

2020 तक एनएच-83 पर डोभी से गया व गया से पटना तक बन रहे फोर लेन का काम कंपनी द्वारा किया जाता रहा था. टेंडर का समय सीमा समाप्त के बाद कंपनी ने जिंदापुर के पास कई एकड़ में बने सेंटर को डंपिंग सेंटर बना दिया था. इसकी देख-रेख के लिए कंपनी ने कई कर्मचारियों को नियुक्ती पर रखा था. डंपिंग को खाली करने के लिए लोहे के समानों को काटकर उसका स्क्रैप बनाया जा रहा था.
कंपनी के स्टाफ मनोज कुमार ने बताया कि इसको खाली करने का आदेश आईएल एण्ड एफएस कंपनी से मिला है. जिसके लिए कंपनी के भेजे कर्मचारियों द्वारा गैस कटर से टैंकर को कांटा जा रहा था. पहले आग पर काबू करने का प्रयास किया गया. आग पर काबू नहीं पाता देख इसकी सूचना पुलिस के साथ फायरब्रिगेड को दिया गया है.
रिपोर्ट : राममूर्ति पाठक


















