शांति समिति की बैठक में डीसी, एसएसपी के अलावे कई लोग हुए शामिल
रांची : रांची में हुए हिंसा मामले को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है.
समाज में शांति व्यवस्था बहाल हो सके इसे लेकर
जिला प्रशासन ने केंद्रीय शांति समिति की बैठक आयोजित की.
बैठक में रांची डीसी, एसएसपी के अलावे जिले के कई आला अधिकारी मौजूद रहे.
वहीं समाज के विभिन्न वर्ग के लोग भी बैठक में शामिल हुए.

लिए गए कई निर्णय
बैठक में रांची के माहौल को शांत करने और आने वाले दिनों में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो इस पर विशेष जोड़ दी गई. खासकर 17 जून को जुमे की नमाज के दौरान विभिन्न मस्जिदों के बाहर विभिन्न सामाजिक राजनीतिक और अमन पसंद लोगों मौजूद रहेंगे. बैठक में निर्णय लिया गया कि किसी भी तरह की भड़काऊ तकरीर और बयान जारी नहीं किए जाएंगे.
निकाली जाएगी सद्भावना मार्च
जुमे की नमाज के दौरान नवयुवकों पर कड़ी नजर रखी जाएगी. बैठक कहा गया कि गुरुवार को रांची के इकरा मस्जिद के बाहर सभी धर्मों के लोगों की मौजूदगी में कैंडल मार्च, शांति मार्च और सद्भावना मार्च निकाली जाएगी. जिसे लेकर जिला प्रशासन का पूरा सहयोग मिलेगा.

10 जून को हुआ था बवाल
बता दें कि रांची में शुक्रवार को हिंसा होने के बाद दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग जख्मी हो गए. कई पुलिसकर्मी भी गंभीर रुप से जख्मी हुए. रांची शहर में हिंसा की तैयारी पहले से कर ली गई थी. शहर की हर थाना की पुलिस नवाब चिश्ती को पहचानती है. नवाब डोरंडा इलाके का रहने वाला है. शहर में बवाल होने के बाद पुलिस ने सबसे पहले उन लोगों का लिस्ट तैयार किया जो पहले से दंगा कराने के आरोप में जेल जा चुके हैं. लिस्ट में सबसे पहला नाम नवाब चिश्ती का आया. पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि घटना के दिन राजेंद्र चौक के पास नवाब चिश्ती भीड़ में शामिल था. मेन रोड में हिंसा होने के बाद नवाब घर से फरार हो गया था.
रिपोर्ट: मुर्शीद आलम




