पटना : राजधानी पटना में कल यानी शुक्रवार की आधी रात हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद व कांग्रेस नेता राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को 1995 के एक पुराने मामले में गिरफ्तारी हुई है। सिटी एसपी भानू प्रताप सिंह और उनकी टीम ने पप्पू यादव को गिरफ्तार किया है। उसके बाद तबीयत खराब होने के बाद पटना के आईजीआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता मेरे साथ क्या होगा, जिससे उनके समर्थकों में चिंता और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। पुलिस टीम उन्हें लेकर अस्पताल पहुंची जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद पप्पू यादव को गर्दनीबाग थाना लाया जाएगा
आपको बता दें कि मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद सांसद पप्पू यादव को गर्दनीबाग थाना लाया जाएगा। इसके बाद आज 11 बजे के बाद पप्पू यादव को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्हें कल देर रात गिरफ्तार किया गया था। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है और समर्थक इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मामला 1995 का है। जब पटना के गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने धोखाधड़ी कर उनका मकान किराए पर लिया। मकान मालिक को बाद में जानकारी हुई थी कि उसके मकान का इस्तेमाल सांसद का ऑफिस चलाने के लिए किया जा रहा है। इससे पहले मकान को किराए पर लेते वक्त इस बात को छिपाया गया था।

MP-MLA कोर्ट ने पप्पू यादव के खिलाफ कुर्की-जब्ती का जारी किया आदेश
दरअसल, तीन दिन पहले ही पप्पू यादव समेत तीन लोगों के खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश दिया गया है। पटना की एमपी-एमएलए अदालत ने उनके खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया है। कोर्ट का आदेश आरोपियों के लंबे समय से अदालत में पेश नहीं होने के कारण आया है। इससे पहले अदालत गिरफ्तारी वारंट और इश्तेहार जारी कर चुकी थी।

पप्पू यादव को बिहार हालत में किया गिरफ्तार
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी के समय पप्पू यादव की तबीयत ठीक नहीं थी और वे बीमार थे। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें अरेस्ट किया। जिसके बाद उनके समर्थकों और नेताओं ने नाराजगी जताई है। मांग की जा रही है कि पप्पू का बेहतर इलाज कराया जाए। बयान में कहा गया है कि पप्पू लगातार नीट मामले को उठा रहे थे और छात्रों के न्याय की लड़ाई लड़ रहे थे। इसी वजह से उन्हें निशाना बनाकर गिरफ्तार किया गया। समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की गई है।
यह भी पढ़े : संसद में गूंजा NEET छात्रा की मौत का मामला, विरोध में बैनर पोस्टर के साथ पहुँचे सांसद पप्पू यादव
अंशु झा की रिपोर्ट
Highlights


