नालंदा: बड़ी खबर बिहार में शराबबंदी कानून लागू है। इसके बावजूद बिहार शरीफ सदर अस्पताल में शराब पीने का सिलसिला जारी है।
वहीं बिहार स्वास्थ्य व्यवस्था ऐसी है कि समय पर डॉक्टर नहीं पहुंचते लेकिन उत्पाद विभाग की टीम छापेमारी के लिए सरकारी अस्पताल में पहुंच रही है।
अस्पताल में इलाज नहीं होता और ना ही दवा मिलता लेकिन दारू पाउच देसी और विदेशी शराब धड़ल्ले से मिल रहा है।
जहां सिविल सर्जन को नजर रखना चाहिए वहां अब उत्पाद विभाग की टीम नजर रख रही है। और यह सब सिर्फ बिहार में संभव है।
यही दुर्भाग्य है कि बिहार के स्वास्थ्य विभाग का हाल है। बीते 2 दिन से लगातार उत्पाद विभाग दिन-रात बिहार शरीफ सदर अस्पताल में छापेमारी कर रही है।
इसी दौरान शनिवार की देर शाम को सदर अस्पताल में छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग एक व्यक्ति को शराब के नशे में शराब के साथ गिरफ्तार किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जाता है।
कि गिरफ्तार व्यक्ति अविनाश पांडे है। जो कि सदर अस्पताल में जरनेटर स्टार्टर के रूप में काम करता है।
वह देर शाम दीदी के रसोई के पास शराब पी रहा था तभी उत्पाद विभाग की टीम ने रंगे हाथ उसे गिरफ्तार कर लिया है। लगातार दो दिनों में शराब पीते सदर अस्पताल व रहुई समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से अस्पताल कर्मचारियों की गिरफ्तारी से पूरे अस्पताल महकमे में हड़कंप मच गया है।


