झारखंड में भोजपुरी विरोध के बीच नींद से जागी बिहार सरकार, भोजपुरी को प्राइमरी एजुकेशन में शामिल करने की तैयारियां शुरु

358
Advertisment

Patna- झारखंड में भोजपुरी का विरोध के बीच बिहार में भोजपुरी को सम्मान देने की तैयारियां शुरु की जा रही है. झारखंड में भोजपुरी की लड़ाई लड़ने वालों के लिए  यह अच्छी खबर मुख्यमंत्री जनता दरबार के बाद मुख्यमंत्री के द्वारा पत्रकारों के संबोधन के दौरान मिली.

Advertisment

दरअसल झारखंड में भोजपुरी की लड़ाई लड़ने वालों से बार-बार एक ही प्रश्न पूछा जा रहा था कि जब अपना घर बिहार में ही इस भाषा को  मान-सम्मान नहीं मिला, भाषा का दर्जा नहीं मिला तब झारखंड में यह लड़ाई क्यों लड़ी जा रही है? यह सवाल भोजपुरी समर्थकों के सामने असहज स्थिति पैदा कर रहा था.

पत्रकारों के प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि भोजपुरी को प्राइमरी एजुकेशन में शामिल करने पर शिक्षा विभाग विचार करेगा.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि भोजपुरी सिर्फ बिहार की ही नहीं यूपी और झारखंड में भी बोली जानेवाली भाषा है. बोलने वालों की एक बड़ी संख्या है और इसका अंतरराष्ट्रीय महत्व है. झारखण्ड में जो हो रहा है वह बहुत गलत है. जब बिहार झारखण्ड एक था तो यह भाषा कई जिलों में बोली जाती थी. उसी तरह से मगही का भी महत्व है. मैं खुद भी भोजपुरी के सम्मेलन में गया हूं. शिक्षा विभाग इस मामले में विचार करेगा.

Advertisement