रांची: कांग्रेस पार्टी ने झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए 21 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है, जिसमें कई नए चेहरे शामिल हैं। जामताड़ा से इरफान अंसारी, जरमुंडी से बादल पत्रलेख, और महगामा से दीपिका पांडे को टिकट दिया गया है। अन्य उम्मीदवारों में रामगढ़ से ममता देवी और मांडू से जयप्रकाश पटेल का नाम शामिल है। हजारीबाग से मुन्ना सिंह, बेरमो से जय मंगल सिंह, और झरिया से पूर्ण नीरज सिंह को भी टिकट मिला है।
इन उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया के बाद, कांग्रेस ने संकेत दिया है कि पार्टी में बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। 15 सीटिंग विधायकों को फिर से मौका दिया गया है, जबकि कुछ नए चेहरे, जैसे कि मांडू से जयप्रकाश पटेल, जो पहले भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे, अब कांग्रेस का हिस्सा बन गए हैं।
दूसरी ओर, बिहार में उपचुनाव के लिए भी सभी दलों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। आरजेडी ने अजीत सिंह और विश्वनाथ यादव को प्रत्याशी बनाया है, जबकि भाजपा ने तरारी से विशाल प्रशांत को मैदान में उतारा है। इस बार परिवारवाद पर तीखी बहस हो रही है, जहां नेताओं पर एक-दूसरे के परिवारों का हवाला देकर आरोप लगाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में 1239 दारोगाओं को नियुक्ति पत्र सौंपा है, जिसमें ट्रांसजेंडरों को भी शामिल किया गया है। यह बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो सामाजिक समावेश की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने किशनगंज में हिंदू स्वाभिमान यात्रा निकाली, जिसमें उन्होंने धार्मिक मुद्दों पर जोर दिया। वहीं, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को एक अस्पताल के निरीक्षण के दौरान ट्रोल किया गया, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
इन सभी घटनाओं के बीच, यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस के नए चेहरे और उनके द्वारा पेश की गई नीतियां आगामी चुनावों में कितनी प्रभावी साबित होती हैं। क्या ये बदलाव सच में चुनाव की तस्वीर बदलेंगे? यह सवाल अभी भी अधूरा है।

