रांची: रांची के मोरहाबादी मैदान में धरना पर बैठे सहायक पुलिसकर्मियों ने मंगलवार को भी आंदोलन जारी रखा। पुलिसकर्मियों का कहना है कि कैबिनेट की बैठक में उनके प्रस्तावों पर मुहर लगती है तभी वे अपना आंदोलन समाप्त करेंगे।
अगर उनकी मांगों को कैबिनेट में लाकर पास नहीं कराया जाता है तो वह अपना आंदोलन जारी रखेंगे। बता दें कि सोमवार को मोरहाबादी स्थित अतिथिशाला में राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में विधायकों के साथ बैठक हुई। बैठक में सहायक पुलिसकर्मियों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की थी, जिसमें प्रतिनिधियों व पुलिसकर्मियों के बीच चार मामलों पर सहमति बनी थी।
बैठक के बाद यह निर्णय लिया इन लोगों ने पुलिस पर हमला किया, सरकारी काम में बाधा डाला और वाहनों में तोड़फोड़ की। दंडाधिकारी गया था कि सहायक पुलिसकर्मियों के मानदेय में 30 प्रतिशत की वृद्धि, एक साल का अवधि विस्तार, होमगार्ड और वन आरक्षी की बहाली में 10 फीसदी का रिजर्वेशन दिया जाएगा।
विधायकों ने कहा था कि इन मांगों को कैबिनेट की बैठक में लाया जाएगा। सहायक पुलिसकर्मियों का कहना है कि जबतक कैबिनेट की बैठक में उनका प्रस्ताव पारित नहीं होता है तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
18 के विरुद्ध नामजद व 1500 सहायक पुलिस के विरुद्ध गैरजमानती धाराओं में प्राथमिकी दर्ज
मोरहाबादी से मुख्यमंत्री आवास घेराव मामले में लालपुर थाना में देवेंद्रनाथ महतो सहित 18 के विरुद्ध नामजद व 1500 सहायक पुलिस के विरुद्ध गैरजमानती धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कार्यपालक दंडाधिकारी रांची संजय कुमार के बयान पर लालपुर थाने में केस हुआ है।
इन पर आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार द्वारा लालपुर थाना नामजद आरोपी में देवेंद्रनाथ महतो, संतोष महतो, अविनाश कुमार द्विवेदी, विवेकानंद गुप्ता, उज्जवल कुमार, शांति मुंडा, विवेक राम, राजेंद्र हसदा, मोहित कुमार, सोनाली हेंब्रम, स्मिता कुमारी, अमित कुमार, शैलेंद्र कुमार, ममता कुमारी, शुभम कुमार दुबे, समीर कुमार प्रधान, इंद्रदेव मुंडा, किरण कुमारी, पूनम कुमारी, करिश्मा टोप्पो सहित 1500 सहायक पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज किया गया है।


















