रांची. झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JSCA चुनाव में प्रशासनिक हस्तक्षेप रोकने एवं पारदर्शी तथा निष्पक्ष चुनाव कराने को लेकर सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है।
JSCA चुनाव को लेकर बाबूलाल ने सीएम को लिखा पत्र
सीएम हेमंत सोरेन को लिखे पत्र में बाबूलाल ने लिखा है, “मैं, आपका ध्यान झारखण्ड में 18 मई, 2025 को झारखण्ड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के होने वाले चुनाव में सरकारी तंत्र के दुरुपयोग एवं प्रभावशाली प्रशासनिक अधिकारियों और व्यक्तियों द्वारा चुनाव को प्रभावित करने की गंभीर स्थिति की ओर आकृष्ट कराना चाहता हूँ।
आप अवगत हैं कि JSCA का चुनाव 18 मई को प्रस्तावित है, जिसके लिए 12 एवं 13 मई को नामांकन तथा 14 मई को नाम वापसी की तिथि निर्धारित है। किन्तु आज के समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्ट्स और मैदान से मिल रही सूचनाओं से स्पष्ट हो रहा है कि यह चुनाव एक खेल संघ का चुनाव न होकर प्रशासनिक पद के दुरुपयोग का रूप लेता जा रहा है।
सरकारी सेवा में लगे अधिकारी चुनाव प्रचार के लिए खुलेआम घूम रहे हैं तथा प्रशासनिक तंत्र का खुले तौर पर दुरुपयोग कर रहे हैं। ये सरकारी अधिकारी अपने पद, प्रभाव एवं सुविधाओं का इस्तेमाल कर मतदाताओं को प्रभावित कर रहे हैं, जो पूर्णतः अवैध, अनैतिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध है।
आप स्वयं जानते हैं कि पूर्व में भी JSCA के चुनावों में सत्ता का दुरुपयोग होता रहा है, जिसके कारण चयन प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद, जातिवाद और क्षेत्रवाद को बढ़ावा मिला है। इसका सीधा प्रभाव राज्य के योग्य एवं मेहनती खिलाड़ियों के अवसरों पर पड़ा है, जिससे वे हतोत्साहित एवं निराश हुए हैं।
JSCA के चुनाव में ऐसे लोगों के कब्जे से यह भी देखा गया है कि एसोसिएशन की संपत्ति और संसाधनों का मनमाने ढंग से दुरुपयोग होता है। अपने प्रभाव से ये लोग वर्षों तक पदों पर बने रहते हैं और अपने चहेते लोगों को सदस्य बनाकर संगठन को भ्रष्टाचार का केंद्र बना देते हैं।
इस स्थिति में अत्यंत आवश्यक है कि JSCA के पदाधिकारियों का चयन पूर्णतः स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो, ताकि खेलप्रेमियों का मनोबल बना रहे और राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गर्व से ऊँचा हो सके।
अतः आपसे आग्रह है कि:-
1. चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के सरकारी हस्तक्षेप, पद प्रभाव एवं सरकारी सुविधा के दुरुपयोग को अविलंब रोका जाए।
2. ऐसे सरकारी अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए जो चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
3. मतदान के दिन कड़ी विधि-व्यवस्था की व्यवस्था की जाए ताकि सदस्य निर्भीक होकर मतदान कर सकें।
4. चुनाव आयोग या किसी स्वतंत्र संस्था की निगरानी में यह चुनाव सम्पन्न कराया जाए ताकि इसकी निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
JSCA राज्य का एक प्रतिष्ठित खेल संगठन है और इसकी साख को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। यदि अभी हस्तक्षेप नहीं किया गया तो झारखण्ड क्रिकेट की पहचान और गुणवत्ता दोनों पर खतरा मंडराने लगेगा।”
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