बाबूलाल मरांडी का सरकार पर सवाल : सिर्फ हिंदुओं के पर्व में ही ऐसा क्यों होता?

रांची: झारखंड में हिंदू त्योहारों के दौरान बार-बार सामने आ रही हिंसक घटनाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू त्योहारों पर ही हमले और पत्थरबाजी की घटनाएं क्यों होती हैं, जबकि अन्य समुदायों के धार्मिक आयोजनों में ऐसा कभी देखने को नहीं मिलता। उन्होंने इसे सरकार की “तुष्टीकरण की राजनीति” का नतीजा बताया और मांग की कि प्रशासन को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

हिंदू त्योहारों पर ही हिंसा क्यों?

बाबूलाल मरांडी ने कहा, “यह चिंता का विषय है कि हिंदुओं के पर्व-त्योहारों पर ही गड़बड़ी होती है। आपने कभी नहीं सुना होगा कि मुहर्रम के जुलूस पर किसी हिंदू ने हमला किया हो या ईद की नमाज के दौरान किसी हिंदू ने व्यवधान उत्पन्न किया हो। फिर हिंदू त्योहारों पर ही ऐसा क्यों होता है?”

उन्होंने हाल ही में होली के दौरान गिरिडीह और हजारीबाग में हुई हिंसक घटनाओं का जिक्र करते हुए इसे “सोची-समझी साजिश” बताया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं का उद्देश्य हिंदू समाज को आतंकित करना और उनके पर्वों में बाधा डालना है, जो कि किसी भी तरह से क्षमा योग्य नहीं है।

सरकार की भूमिका पर उठाए सवाल

मरांडी ने सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह से झारखंड सरकार तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है, उससे असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार ही निष्क्रिय रहेगी, तो अपराधी और उपद्रवी ताकतें खुद को और अधिक मजबूत महसूस करेंगी।

उन्होंने कहा, “जहां भाजपा की सरकारें नहीं हैं, वहां इस तरह की घटनाओं को जानबूझकर बढ़ावा दिया जाता है। लेकिन झारखंड में तो उनकी अपनी सरकार है, फिर भी ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं? सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और जो लोग गड़बड़ी कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”

सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाने की मांग

मरांडी ने प्रशासन से मांग की कि संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाए, ताकि असामाजिक तत्वों को आसानी से पहचाना जा सके और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने कहा, “सरकार के पास आज कई अत्याधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं। सभी संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाने चाहिए। ड्रोन कैमरों से निगरानी होनी चाहिए। यहां तक कि आम नागरिकों को भी इन घटनाओं के वीडियो बनाने चाहिए, ताकि कोई उपद्रवी पकड़ा जा सके और उसे दंडित किया जा सके।”

आने वाले पर्वों पर विशेष सतर्कता की जरूरत

झारखंड में आने वाले दिनों में रामनवमी, ईद और सरहुल जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाएंगे। ऐसे में प्रशासन के सामने यह चुनौती होगी कि वह शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए।

मरांडी ने सरकार से मांग की कि सभी समुदायों के पर्व-त्योहारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और हिंदू त्योहारों पर लगातार हो रही हिंसक घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा, “अगर सरकार ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए, तो जनता को खुद आगे आकर अपने त्योहारों की सुरक्षा करनी होगी।”

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