बगहा में सरदार पटेल की 151वीं जयंती मनाई गई। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने पटेल के आदर्शों को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
Google पर 22Scope चुनेंBagaha Sardar Patel Jayanti: बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का त्याग, साहस, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे। उनका जीवन हमें सिखाता है कि व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना ही सच्ची देशभक्ति है। युवाओं को उनके आदर्शों को केवल जयंती समारोह तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि अपने व्यवहार और जीवन में भी अपनाना चाहिए। मंत्री श्रवण कुमार गुरुवार, 5 नवंबर को बगहा में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन कुर्मी महासभा, पुलिस जिला बगहा की ओर से बगहा-1 स्थित पुष्पांजलि मैरेज हॉल में किया गया।
खेड़ा और बारडोली आंदोलन से मिली सरदार की पहचान
मंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का संपूर्ण जीवन त्याग, संघर्ष, साहस और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। स्वतंत्रता आंदोलन में उन्होंने महात्मा गांधी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खेड़ा सत्याग्रह और बारडोली आंदोलन के जरिए किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़कर उन्होंने जननेता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। बारडोली आंदोलन की ऐतिहासिक सफलता के बाद ही उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि मिली। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देशी रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत का निर्माण करना सरदार पटेल के सामने बड़ी चुनौती थी। अपनी राजनीतिक दूरदर्शिता और कूटनीतिक क्षमता के बल पर उन्होंने 562 से अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराया। उनके प्रयासों से एक सशक्त और एकीकृत भारत के निर्माण का रास्ता तैयार हुआ। देश की प्रशासनिक व्यवस्था और अखिल भारतीय सेवाओं को मजबूत बनाने में भी उनका योगदान अविस्मरणीय है।
राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना ही सच्ची देशभक्ति
श्रवण कुमार ने युवाओं से अपील की कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और देश की एकता, अखंडता तथा सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के लिए अनुशासन, परिश्रम, ईमानदारी और आपसी भाईचारा बेहद जरूरी है। मंत्री ने देशवासियों से सरदार पटेल की जयंती पर संकल्प लेने का आह्वान किया कि भारत की एकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने के साथ देश और समाज के विकास में अपना पूरा योगदान देंगे।
नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास को मिली गति
मंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में न्याय के साथ विकास, सामाजिक सद्भाव, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया गया है। हर घर तक बिजली पहुंचाने, गांवों में पक्की गली-नाली और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने के साथ सात निश्चय योजना के माध्यम से विकास को नई गति दी गई है। उन्होंने जल-जीवन-हरियाली अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल ने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। शिक्षा के क्षेत्र में साइकिल, पोशाक, मध्याह्न भोजन, छात्रवृत्ति और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं से विद्यार्थियों, खासकर गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों को शिक्षा के नए अवसर मिले हैं। हर पंचायत में उच्च विद्यालय और हर अनुमंडल में 10+2 विद्यालय की व्यवस्था को भी उन्होंने शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
महिला सशक्तिकरण में बिहार की पहल का किया जिक्र
श्रवण कुमार ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बिहार ने देश के सामने उदाहरण पेश किया है। पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत और सरकारी सेवाओं में 35 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू कर महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को मजबूती दी गई है। उन्होंने दावा किया कि बिहार देश का पहला राज्य है, जहां लगभग 40 हजार महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति कर महिलाओं को सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। मंत्री ने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ाने और महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी कई पहल की गई हैं। उनके अनुसार, दूरदर्शी सोच और न्याय के साथ विकास की नीति ने बिहार में विकास तथा सामाजिक परिवर्तन को नई दिशा दी है।
Bagaha Sardar Patel Jayanti का आयोजन कब और कहां हुआ?
यह समारोह 5 नवंबर को बगहा-1 स्थित पुष्पांजलि मैरेज हॉल में आयोजित किया गया। इसका आयोजन कुर्मी महासभा और पुलिस जिला बगहा की ओर से किया गया।
सरदार वल्लभभाई पटेल को 'सरदार' की उपाधि कैसे मिली?
बारडोली आंदोलन की ऐतिहासिक सफलता के बाद उन्हें 'सरदार' की उपाधि मिली। इस आंदोलन के माध्यम से उन्होंने किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी।
स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल का सबसे बड़ा योगदान क्या था?
उन्होंने 562 से अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराया और अखंड भारत का निर्माण किया।
महिला सशक्तिकरण में बिहार की क्या पहल है?
पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत और सरकारी सेवाओं में 35 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया गया है। साथ ही, लगभग 40 हजार महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की गई है।
Highlights




















