सिमडेगा : बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने बेसराजारा मॉब लिंचिंग मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है. मॉब लिंचिंग में मारे गए संजू प्रधान के परिजनो से मिलने बाबूलाल मरांडी बेसराजारा पहुंचे थे. मुलाकात के बाद उन्होने घटना के लिए पुलिस को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए सिमडेगा के एसपी और ठेठईटांगर के थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग की. बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी और देखरेख में घटना को अंजाम दिया गया. उन्होने कहा कि मॉब लिंचिंग होती रही और पुलिस मोबाइल से वीडियो बनाती रही. बाबूलाल मरांडी ने मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों को लेकर भी पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होने कहा कि परिवार के बयान को नज़रअंदाज करते हुए असली आरोपियों बचाया जा रहा है और जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है वो बेकसूर है. पूरे मामले में लीपापोती का आरोप लगाते हुए मरांडी ने कहा कि झारखंड सरकार से उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं है इसलिए सीबीआई से जांच जरूरी है.
परिजनों के मुताबिक बेसराजारा में 4 जनवरी को संजू प्रधान को ग्रमीणों ने पहले बुरी तरह से पीटा और फिर जिंदा जला दिया. उसपर प्रतिबंध के बावजूद जंगल से लकड़ी काटकर बेचने का आरोप लगाया गया था. बाबूलाल मरांडी ने लकड़ी काटने की कहानी को पूरी तरह से मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि सूचना मिलने के बाद जब वन विभाग ने लकड़ी को जब्त कर लिया था तो फिर यह कहानी क्यों गढ़ी जा रही है. प्रतिबंध के बावजूद इलाके में खुलेआम गौ मांस की बिक्री पर भी सवाल उठाते हुए उन्होने पुलिस को कठघरे में खड़ा किया. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सीबीआई जांच करेगी तो कई परतें खुलेंगी जिसे पुलिस ढ़ंकने की कोशिश कर रही है.
रिपोर्ट : रविकांत साहू


















