Betla National Park: 1 अक्टूबर से खुलेगा बेतला नेशनल पार्क, नए पर्यटन सत्र में बढ़ेगा शुल्क और सख्ती

Betla National Park, पलामू: झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल बेतला नेशनल पार्क एक अक्टूबर से पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया जाएगा। हर साल होने वाली 92 दिनों की नो-एंट्री अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो रही है। पार्क के दोबारा खुलने की सूचना से पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय होटल संचालकों, सफारी चालकों, गाइडों और दूसरे पर्यटन कारोबारियों में भी उत्साह है। पार्क प्रबंधन ने नए पर्यटन सत्र के लिए पर्यटकों की सुविधा और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ नियमों को सख्ती से लागू करने की तैयारी की है। वहीं, पलामू किला और कमलदह झील घूमने वाले पर्यटकों को इस बार पहले की तुलना में ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।

प्लास्टिक ले जाना पड़ेगा भारी

बेतला और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में प्लास्टिक की बोतल और थैलियों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। पलामू टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने पर्यावरण और वन्यजीवों को प्लास्टिक से होने वाले नुकसान को देखते हुए इस नियम को लागू किया है। पार्क में नियम तोड़ने वाले पर्यटकों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि वे पार्क में किसी तरह का प्लास्टिक कचरा न फैलाएं और वन क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। इसके अलावा पर्यटकों को वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने के लिए भी कहा गया है। बंदरों सहित किसी भी वन्यजीव को खाद्य पदार्थ खिलाने पर कार्रवाई की जा सकती है। प्रबंधन का कहना है कि इंसानों का खाना वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार और स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

पलामू किला घूमने के लिए देना होगा अतिरिक्त शुल्क

नए पर्यटन सत्र में पलामू किला और कमलदह झील जाने वाले पर्यटकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। किला क्षेत्र में प्रवेश के लिए अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया है। पहले बेतला भ्रमण के लिए करीब 2,450 रुपये शुल्क लिया जाता था। अब पलामू किला क्षेत्र तक जाने के लिए इसके अलावा करीब 1,000 रुपये से अधिक अतिरिक्त राशि खर्च करनी होगी। किला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए केवल पंजीकृत खुली सफारी वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। वहीं, पलामू किला क्षेत्र में बाइक ले जाने पर रोक रहेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य पर्यटन गतिविधियों को नियंत्रित करने के साथ-साथ ऐतिहासिक स्थल और आसपास के वन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है।

गाइडों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

पर्यटकों को बेहतर जानकारी और अनुभव देने के लिए स्थानीय गाइडों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। रेंजर उमेश कुमार दुबे के अनुसार, गाइडों को प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों के विशेषज्ञों से प्रशिक्षण दिलाया गया है। प्रशिक्षण के दौरान पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी देने और पर्यटकों को बेहतर तरीके से मार्गदर्शन करने पर जोर दिया गया है। पार्क खुलने के साथ ही ये नए नियम प्रभावी हो जाएंगे।

पार्क खुलने से पर्यटन कारोबार को मिलेगी रफ्तार

बेतला नेशनल पार्क के खुलने का इंतजार पर्यटकों के साथ स्थानीय पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को भी रहता है। पार्क बंद रहने के दौरान होटल, सफारी, गाइड और दूसरे पर्यटन व्यवसायों की गतिविधियां प्रभावित होती हैं। एक अक्टूबर से पर्यटकों की आवाजाही शुरू होने के बाद इन कारोबारों में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। खासकर होटल संचालक, सफारी चालक और स्थानीय गाइड नए पर्यटन सत्र को लेकर उत्साहित हैं। बेतला के साथ पलामू किला और कमलदह झील जैसे स्थानों को देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं। हालांकि, पर्यटकों को इस बार पार्क के नियमों, प्लास्टिक प्रतिबंध और वन्यजीवों से जुड़े निर्देशों का विशेष ध्यान रखना होगा।

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