पटना : साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई पटना को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि शेखपुरा जिला में फर्जी लोन एप्प के माध्यमों से आम जनता को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक साइबर अनुसंधान एवं अभियान के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में सीसीएसयू की विशेष टीम गठित की गई। साइबर थाना शेखपुरा व
ATS के सहयोग से 3 फरवरी को शेखपुरा में 3 जगहों पर एक साथ विधिवत् छापेमारी की गई – पुलिस अधीक्षक साइबर अनुसंधान
टीम के द्वारा साइबर थाना शेखपुरा एवं एटीएस के सहयोग से तीन फरवरी को शुखपुरा में तीन जगहों पर एक साथ विधवत् छापेमारी की गई। जिसमें साइबर ठगी में संलिप्त संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया। गठित टीम द्वारा छापेमारी स्थल पर मौके से पांच अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। उक्त मामले में साइबर संबंधित साइबर थाना शेखपुरा में विधि-सम्मत धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

अभियुक्त द्वारा Loan APP को एक वैध एवं भरोसेमंद लोन एप के रूप में प्रस्तुत किया जाता था
प्रारंभिक जांच में यह तत्व सामने आया कि अभियुक्त द्वारा लोन एप को एक वैध एवं भरोसेमंद लोन एप के रूप में प्रस्तुत किया जाता था। जिससे आम नागरिकों को विश्वास प्राप्त किया जा सके। अभियुक्त द्वारा मोबाइल कॉल, मैसेज एवं अन्य डिजिटल माध्यमों से लोगों से संपर्क कर उन्हें तत्काल लोन उपलब्ध कराने का प्रलोभन दिया जाता था। लोन स्वीकृत की प्रक्रिया के नाम पर पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस, केवाईसी चार्ज एवं अन्य शुल्क के रूप में ऑनलाइन भुगतान किया जाता था। भुगतान प्राप्त होने की पश्चात न तो पीड़ितों को कोई लोन प्रदान किया जाता था और न ही कोई वैध डिजिटल सेवा उपलब्ध कराई जाती थी।

पीड़ितों द्वारा पुनः संपर्क किए जाने पर उपायुक्तों द्वारा उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था – पुलिस
पुलिस का कहना है कि पीड़ितों द्वारा पुनः संपर्क किए जाने पर उपायुक्तों द्वारा उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था। किसी भी प्रकार का संपर्क समाप्त कर दिया जाता था। अभियुक्तों द्वारा पहचान छुपाने के उद्देश्य फर्जी/अवैध सिम कार्ड एवं विभिन्न मोबाइल नंबरों का प्रयोग किया जाता था और ठगी की राशि को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से स्थानांतरित किया जाता था। बरबीघा एवं शेखपुरा थाना अंतर्गत तीन छापेमारी स्थलों से गिरफ्तारी की गई। छापेमारी के क्रम में मौके से पांच स्मार्ट मोबाइल, 19 सिम कार्ड, फर्जी लोन एप से संबंधित डिजिटल डाटा और फर्जी सिम निर्गत करने से संबंधित सामग्री जब्त की गई है।

पुलिस ने कहा- जब्त डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच की जा रही है
पुलिस ने कहा कि जब्त डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच की जा रही है। जिसके आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। इस कांड में सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर वैज्ञानिक तरीके से तकनीकी अनुसंधान किया जा रहा है। इस षड्यंत्र में शामिल हर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध साक्ष्य के आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई बिहार पटना आम जनता से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की अवैध ऑनलाइन लोन ऑफर के झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर अपराध की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या साइबर पुलिस को दें।

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