पटना : राज्य सरकार मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण व्यापार को बढ़ावा देने के लिए मछली पालकों के बीच पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6,449 वाहनों का वितरण किया गया है। माना जा रहा है कि इससे न सिर्फ मछली पालकों की आय बढ़ेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी ताजी मछलियां मिलेंगी।
मछली पालकों के बीच वाहन वितरण से मछली पालन के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को गति मिलेगी
मछली पालकों के बीच वाहन वितरण से मछली पालन के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को गति मिलेगी। व्यापार को बढ़ावा देने के लिए मछली बाजार और कियोस्क बनाने पर भी काम चल रहा है। मुख्यमंत्री मत्स्य विपणन योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के चिह्नित 12 प्रखंडों एवं 31 पंचायतों में मछली बाजार का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, पटना सहित सभी नगर निगम क्षेत्रों में ‘सुधा’ की तर्ज पर ‘फ्रेश कैच’ कियोस्क बनाने पर काम चल रहा है। जल्द ही राज्य के लोगों को ‘सुधा मिल्क’ की तरह ‘फ्रेश कैच’ से मछलियां मिलने लगेंगी।
68 हजार से अधिक मछली पालकों को दिया गया प्रशिक्षण
मछली उत्पादन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में अब तक 68,890 मछली पालकों को राज्य के भीतर एवं बाहर स्थित मत्स्य संस्थानों में निःशुल्क आधुनिक प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें 51305 मछली पालकों को राज्य के भीतर व 17,585 मछली पालकों को राज्य के बाहर के संस्थानों में प्रशिक्षित किया गया है। वहीं, भ्रमण-दर्शन कार्यक्रम के तहत अब तक 47,279 से अधिक मछली पालकों को राज्य में विकसित आर्द्रभूमि एवं बायोफ्लॉक इकाइयों की निर्माण प्रक्रिया से अवगत कराने के लिए निःशुल्क भ्रमण कराया गया है।
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