10 वर्षीय आरव अनोखा का कारनामा

10 वर्षीय आरव का अनोखा कारनामा, नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125वीं जयंती पर मणिपुर से दिल्ली तक की साइकिल यात्रा

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10 वर्षीय आरव का अनोखा कारनामा

Araria10 वर्षीय आरव भारद्वाज के दिल में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की तस्वीर बसी हुई है. इस उम्र में जब बच्चों की दीवानगी खेल कुद के प्रति होती है, आरव भारद्वाज मणिपुर से दिल्ली तक की साइकिल यात्रा पर निकल पड़ा है. मणिपुर के आई. एन. ए मेमोरियल स्कूल से दिल्ली के नेशनल वाल मेमोरियल तक की करीब 2500 किलोमीटर की यात्रा पर निकले आरव भारद्वाज मोहिनी देवी स्कूल में भव्य स्वागत हुआ. लोगों ने नेताजी के इस दीवाने को सीने से लगा लिया.

दादा जी से मिली प्ररेणा 

बताया जा रहा है कि आरव को नेताजी के प्रति दीवानगी उसके दादा जी से मिली. दादाजी आरव को नेताजी की कहानियां सुनाया करते थें. उन्ही की सुनाई गयी कहानियों और नेताजी के जीवन और राष्ट्र के प्रति उनके त्याग से प्रभावित होकर आरव ने मणिपुर से दिल्ली की बेहद दुरुह 2500 किलोमीटर की यात्रा का निर्णय लिया.

अररिया के लोगों ने इस मासूम व बहादुर बच्चे को दिल से लगा लिया. इस अवसर पर अररिया सांसद प्रदीप सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोष की 125वीं जयंती और स्वतंत्रता दिवस का 75वां वर्ष के उपलक्ष्य में आरव का यह साहसिक कदम नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है. इस उम्र में नेताजी के प्रति इस बच्चे की दीवानगी और जुनून काबिलेतारीफ है.

अररिया के सुदूर इलाके के बच्चे भी अब रेल देख सकेंगेः सांसद प्रदीप सिंह

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