बिहार में सम्राट चौधरी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार समारोह में PM Narendra Modi, अमित शाह और राजनाथ सिंह पहुंचे। NDA में सीट और जातीय समीकरणों पर चर्चा तेज।
Bihar Cabinet Expansion 2026 पटना: पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुरुवार को बिहार की सम्राट चौधरी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का भव्य आयोजन हुआ। इस समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होने के लिए पटना पहुंचे। समारोह को लेकर राजधानी में राजनीतिक हलचल तेज रही।
बताया जा रहा है कि एनडीए सरकार के इस मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी, जेडीयू, एलजेपीआर, हम और आरएलएम को प्रतिनिधित्व दिया गया है। मंच को फूलों से सजाया गया और समारोह में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
Bihar Cabinet Expansion 2026:NDA में सहयोगी दलों को मिला प्रतिनिधित्व
सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी की ओर से 15, जेडीयू की ओर से 13, एलजेपीआर के 2, हम का 1 और आरएलएम का 1 मंत्री शामिल किए जाने की चर्चा रही। इस विस्तार को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए की बड़ी राजनीतिक तैयारी माना जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा रही कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने गठबंधन के भीतर संतुलन साधने की कोशिश की है। कार्यक्रम के दौरान बीजेपी और जेडीयू नेताओं के बीच लगातार बातचीत और मंच साझा करने को भी राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा गया।
Key Highlights
पटना गांधी मैदान में सम्राट चौधरी कैबिनेट का भव्य विस्तार समारोह
PM Narendra Modi, अमित शाह और राजनाथ सिंह की मौजूदगी
बीजेपी को 15 और जेडीयू को 13 मंत्री पद मिलने की चर्चा
निशांत कुमार की मौजूदगी से परिवारवाद पर नई बहस
मंत्रिमंडल में जातीय और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश
Bihar Cabinet Expansion 2026:निशांत कुमार की एंट्री पर तेज हुई सियासत
समारोह के दौरान जेडीयू नेता और पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar के पुत्र निशांत कुमार की सक्रिय मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया। विपक्षी दलों ने इसे परिवारवाद से जोड़कर सवाल उठाए, जबकि एनडीए नेताओं ने इसे पार्टी का आंतरिक फैसला बताया।
बीजेपी नेताओं ने कहा कि किसी नेता के परिवार का सदस्य राजनीति में आने भर से परिवारवाद साबित नहीं होता। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेडीयू भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखकर नए चेहरे सामने ला रही है।
Bihar Cabinet Expansion 2026:जातीय समीकरणों पर भी नजर
मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय संतुलन को लेकर भी चर्चा गर्म रही। बीजेपी की सूची में सवर्ण, ओबीसी और अन्य वर्गों के नेताओं को शामिल करने की रणनीति साफ दिखाई दी। राजनीतिक विशेषज्ञ इसे बिहार की सामाजिक संरचना और चुनावी गणित के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
एनडीए की कोशिश है कि आगामी चुनाव से पहले सभी प्रमुख सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देकर व्यापक संदेश दिया जाए। इसी वजह से मंत्रिमंडल विस्तार को केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है।
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