Bihar Development Scheme:बिहार में सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान: शिक्षा विभाग को मिले सबसे अधिक 37,171 कार्य, गया टॉप पर

बिहार सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान में 1.03 लाख विकास कार्यों का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें शिक्षा विभाग को 37,171 कार्य मिले हैं।

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बिहार के सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान में 1.03 लाख विकास कार्यों का लक्ष्य तय किया गया है। शिक्षा विभाग को 37,171 और पंचायती राज विभाग को 25,998 कार्य मिले हैं।


Bihar Development Scheme पटना: बिहार में गांवों और शहरों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत राज्य के 38 जिलों में कुल 1,03,445 विकास एवं निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इनमें सबसे अधिक 37,171 कार्य शिक्षा विभाग को सौंपे गए हैं। वहीं, 25,998 कार्यों के साथ पंचायती राज विभाग दूसरे स्थान पर है। जिलावार कार्य आवंटन में गया को सबसे अधिक 5,605 कार्य मिले हैं, जबकि पटना में 5,572 विकास कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

Bihar Development Scheme:1.03 लाख विकास कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य, 8 विभागों को मिली जिम्मेदारी

राज्य सरकार ने 17 सितंबर 2026 से सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों की स्थिति में सुधार करना, पुरानी संरचनाओं की मरम्मत करना और जरूरत के अनुसार नई जनोपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है।

अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। इसके तहत मौजूदा परिसंपत्तियों के उन्नयन और मरम्मत का काम 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण 31 मार्च 2027 तक पूरा किया जाना है।

राज्य के सभी 38 जिलों में कुल 1,03,445 कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन कार्यों को पूरा करने की जिम्मेदारी आठ विभागों को सौंपी गई है।

विभागवार आवंटित कार्यों का विवरण इस प्रकार है:

विभागआवंटित कार्य
शिक्षा विभाग37,171
पंचायती राज विभाग25,998
ग्रामीण विकास विभाग14,730
समाज कल्याण विभाग11,221
स्वास्थ्य विभाग7,473
अति पिछड़ा एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग4,041
नगर विकास एवं आवास विभाग1,596
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग1,215

शिक्षा, स्वास्थ्य और पंचायतों की सुविधाओं पर विशेष जोर

अभियान के तहत शिक्षा विभाग को स्कूलों की मरम्मत, आधारभूत सुविधाओं के विकास और सार्वजनिक शैक्षणिक परिसंपत्तियों के उन्नयन से जुड़े कार्य दिए गए हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग को मौजूदा स्वास्थ्य संस्थानों की मरम्मत, नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण, प्रतीक्षालय, बैठने की व्यवस्था, हेल्प डेस्क, टीवी और सूचना डिस्प्ले जैसी सुविधाएं विकसित करनी हैं।

समाज कल्याण विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत, साफ-सफाई और नए केंद्रों के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है। अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण से जुड़े विभागों को आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों और सामुदायिक भवनों की मरम्मत तथा नए सामुदायिक भवनों के निर्माण का काम सौंपा गया है।

पंचायती राज विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने और गली-नाली के पक्कीकरण का काम करेगा। वहीं, ग्रामीण विकास विभाग को विशेष स्वच्छता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग यानी पीएचईडी को पेयजल परिसंपत्तियों के रखरखाव, नियमित साफ-सफाई और दिसंबर 2026 तक अधूरी पेयजल योजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी मिली है। नगर विकास एवं आवास विभाग सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को मजबूत करने और नई जनोपयोगी संरचनाओं के निर्माण पर काम करेगा।

कार्य आवंटन में गया पहले और पटना दूसरे स्थान पर

जिलावार आंकड़ों के अनुसार, गया में सबसे अधिक 5,605 विकास कार्य आवंटित किए गए हैं। इसके बाद पटना में 5,572 कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

अन्य प्रमुख जिलों में सीतामढ़ी को 4,873, मधुबनी को 4,537 और मुजफ्फरपुर को 4,467 कार्य मिले हैं। वहीं, वैशाली में 4,462, सीवान में 4,263 और पूर्वी चंपारण में 3,858 कार्य कराए जाएंगे।

समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने का निर्देश

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान केवल मरम्मत और निर्माण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि बिहार के गांवों और शहरों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की व्यापक पहल है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पंचायत और जिले में जनोपयोगी परिसंपत्तियां मजबूत हों और आम जनता को उनका सीधा लाभ मिले। शिक्षा, पंचायती राज, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास समेत सभी प्रमुख विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि 30 नवंबर तक मौजूदा परिसंपत्तियों का उन्नयन और 31 मार्च 2027 तक नई संरचनाओं का निर्माण गुणवत्ता के साथ पूरा करना होगा। अभियान में लापरवाही या कोताही बरतने वालों के लिए कोई स्थान नहीं होगा।

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान क्या है?

यह Bihar में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है जिसका उद्देश्य गांवों और शहरों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना है। इसमें सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत तथा नई जनोपयोगी संरचनाओं का निर्माण शामिल है।

Bihar के किस जिले को सबसे अधिक विकास कार्य दिए गए हैं?

गया को सबसे अधिक 5,605 विकास कार्य आवंटित किए गए हैं, जबकि पटना में 5,572 कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

Bihar में इस अभियान के तहत कुल कितने कार्य निर्धारित किए गए हैं?

Bihar के 38 जिलों में कुल 1,03,445 विकास एवं निर्माण कार्य निर्धारित किए गए हैं।

शिक्षा विभाग को किस प्रकार के कार्य दिए गए हैं?

शिक्षा विभाग को स्कूलों की मरम्मत, आधारभूत सुविधाओं के विकास और सार्वजनिक शैक्षणिक परिसंपत्तियों के उन्नयन से जुड़े कार्य दिए गए हैं।

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