Kaimur Paddy Procurement Payment Delay: बिहार में धान अधिप्राप्ति को लेकर पैक्स और व्यापार मंडल अध्यक्षों की समस्याएं एक बार फिर सामने आई हैं। धान खरीद और सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) चावल जमा करने के बाद भुगतान में हो रही देरी से नाराज पैक्स अध्यक्षों ने व्यवस्था में सुधार की मांग की है। शुक्रवार को भभुआ में बैठक करने के बाद पैक्स एवं व्यापार मंडल अध्यक्षों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कुमार अनुराग से मुलाकात की और मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।
भुगतान में देरी से समितियों पर बढ़ रहा ब्याज का बोझ
पैक्स अध्यक्षों का कहना है कि राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) में सीएमआर चावल जमा करने के बावजूद समितियों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। इसके कारण पैक्स और व्यापार मंडलों पर लाखों रुपये ब्याज का अतिरिक्त बोझ बढ़ता जा रहा है। अध्यक्षों ने मांग की कि भुगतान में देरी के कारण समितियों को जो अतिरिक्त ब्याज देना पड़ रहा है, उसकी भरपाई सरकार करे। उनका कहना है कि धान अधिप्राप्ति की पूरी प्रक्रिया में समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने से आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। ऐसे में भुगतान व्यवस्था को पारदर्शी और समयबद्ध बनाना जरूरी है।
किसानों को 250 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग
बैठक में किसानों को धान की कीमत के अतिरिक्त बोनस देने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। पैक्स अध्यक्षों ने झारखंड की तर्ज पर बिहार के किसानों को भी 200 से 250 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग की। उनका कहना है कि इससे किसानों को धान की उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा और उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। प्रतिनिधियों ने सरकार से आग्रह किया कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए बोनस देने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाए।
चावल जमा करने के 24 घंटे के भीतर भुगतान हो
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए 11 सूत्री ज्ञापन में भुगतान प्रक्रिया को तेज करने की मांग भी शामिल है। पैक्स अध्यक्षों ने कहा कि एसएफसी में सीएमआर चावल जमा होने के 24 घंटे के भीतर संबंधित समितियों को भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके अलावा अग्रिम सीएमआर की व्यवस्था लागू करने की मांग की गई, ताकि धान खरीद और चावल जमा करने की प्रक्रिया में आर्थिक बाधाएं कम हों।
मिल टैगिंग और कमीशन व्यवस्था में बदलाव की मांग
ज्ञापन में मिल टैगिंग के मामले में पैक्सों को स्वायत्तता देने की मांग की गई है। पैक्स अध्यक्षों का कहना है कि समितियों को मिल चयन और टैगिंग की प्रक्रिया में अधिक अधिकार मिलने चाहिए। इसके साथ ही पैक्सों के कमीशन और मिलिंग शुल्क में वृद्धि करने की मांग भी उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने पर्याप्त गोदाम उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि धान अधिप्राप्ति के दौरान भंडारण की समुचित व्यवस्था नहीं होने से समितियों को परेशानी होती है। इसलिए सरकार को गोदामों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ पूरी खरीद व्यवस्था को सुचारू बनाना चाहिए।
बैठक में जिले के कई पैक्स अध्यक्ष रहे मौजूद
बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष भोलानाथ सिंह यादव ने की। इसमें बिहार को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन रमेश चंद्र चौबे, उपेंद्र पाण्डेय, संजय पाण्डेय, असलम अंसारी, सोनू सिंह सहित कैमूर जिले के विभिन्न पैक्स अध्यक्ष शामिल हुए। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने डीएम कुमार अनुराग को ज्ञापन सौंपकर मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आग्रह किया। अब पैक्स अध्यक्षों को उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं पर विचार कर धान अधिप्राप्ति व्यवस्था में जरूरी सुधार करेगी, जिससे किसानों और समितियों दोनों को राहत मिल सके।
Highlights




















