Bihar SDG Conclave 2026: बिहार में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को गति देने और विकसित बिहार @2047 के विजन को साकार करने के उद्देश्य से दो दिवसीय बिहार SDG कॉन्क्लेव 2026 का शुभारंभ पटना में हुआ। बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग की ओर से यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित इस कॉन्क्लेव में वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों, नीति आयोग, MoSPI, संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न विकास साझेदार संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कॉन्क्लेव के पहले दिन मानव विकास, सामाजिक बदलाव, बेहतर विभागीय समन्वय, डेटा आधारित नीति और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई।
योजनाओं से परिणामों की ओर बढ़ने पर जोर
मुख्य सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन में आयोजित कार्यक्रम में बिहार सरकार की उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने SDGs को हासिल करने के लिए समेकित दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका और लैंगिक समानता जैसे क्षेत्रों में प्रगति जरूरी है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि समावेशी एवं सतत विकास के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। खेल को युवाओं में नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए उन्होंने युवाओं की भागीदारी पर भी जोर दिया। योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने कहा कि कॉन्क्लेव का उद्देश्य बिहार की प्रगति की समीक्षा करना, चुनौतियों की पहचान करना और वर्ष 2030 तक SDGs हासिल करने के प्रयासों को मजबूत करना है। उन्होंने “योजनाओं से परिणामों की ओर” बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
बेहतर डेटा और विभागीय समन्वय से विकास को मिलेगी गति
बिहार के विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि बुनियादी ढांचे, बिजली, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति ने SDGs की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया है। अब उच्च शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, औद्योगिक विकास और डेटा एवं अनुसंधान प्रणालियों को और मजबूत करने की जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र के भारत में रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रिस्नर ने कहा कि SDGs भले ही वैश्विक लक्ष्य हैं, लेकिन उनकी वास्तविक उपलब्धि स्थानीय स्तर पर होती है। जिलों, प्रखंडों, पंचायतों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और परिवारों तक योजनाओं का प्रभाव पहुंचना जरूरी है। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और अभिसरण को SDGs की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
बिहार के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य की पुस्तिका जारी
कॉन्क्लेव के दौरान “बिहार का सामाजिक-आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय परिदृश्य” नामक पुस्तिका का विमोचन किया गया। इसके अलावा अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय की इंटरैक्टिव वेबसाइट का शुभारंभ और ऑनलाइन डेटा लैब का उद्घाटन भी किया गया। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य प्रो. शामिका रवि ने कहा कि बिहार के विकास की तस्वीर जमीनी स्तर के प्रमाणों और वास्तविक आंकड़ों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित बिहार के बिना विकसित भारत का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता। MoSPI की उप महानिदेशक रुचिका गुप्ता ने भी SDGs की दिशा में तेज प्रगति के लिए विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण डेटा को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर आंकड़ों से योजना निर्माण, निगरानी और नीतिगत निर्णयों को मजबूत किया जा सकता है।
औद्योगिकीकरण और मानव विकास पर तकनीकी सत्र
कॉन्क्लेव में “समावेशी विकास के उत्प्रेरक के रूप में औद्योगिकीकरण” विषय पर तकनीकी सत्र आयोजित हुआ। इसमें बिहार में निवेश, विनिर्माण और उद्यम विकास को बढ़ावा देने के जरिए रोजगार और आर्थिक विकास को गति देने पर चर्चा की गई। एक अन्य सत्र में मानव विकास को तेज करने के उपायों पर विचार हुआ। इसमें बच्चों, किशोरों और महिलाओं में निवेश, लैंगिक समानता, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल सुरक्षा, स्वच्छता और जलवायु लचीलेपन जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि SDGs की दिशा में बिहार की प्रगति को ठोस और मापनीय परिणामों में बदलने के लिए मजबूत सार्वजनिक प्रणालियों और साक्ष्य आधारित शासन की जरूरत है।
दूसरे दिन जिला स्तर के विकास और AI पर होगी चर्चा
कॉन्क्लेव के दूसरे दिन मानव विकास और सामाजिक परिवर्तन के साथ आर्थिक एवं जिला-स्तरीय विकास पर विशेष चर्चा होगी। समापन सत्र की अध्यक्षता बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव करेंगे। इस दौरान रोजगार, शहरों की भूमिका, बेहतर बुनियादी ढांचा, गुणवत्तापूर्ण रोजगार, कुशल कार्यबल, औद्योगिकीकरण, स्वच्छ ऊर्जा और समुदाय आधारित आजीविका जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा जिला स्तर पर SDGs को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए पंचायतों की भूमिका, एकीकृत जिला योजना और विकेंद्रीकृत शासन को मजबूत करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उभरती तकनीकों के इस्तेमाल पर भी मंथन किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: MSME Mitra Bihar: बिहार के उद्यमियों के लिए बड़ी पहल, MSME मित्र पहुंचाएंगे सरकारी योजनाओं का लाभ
Highlights




















