Bihar Tallest Sardar Patel Statue, पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बिहार में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा 31 अक्टूबर 2026 को पटना के बापू सभागार में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के दौरान की। इस अवसर पर उन्होंने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश की एकता और अखंडता में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। साथ ही बिहार के विकास, रोजगार, उद्योग और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार के लक्ष्यों की जानकारी भी दी।
सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर सीएम का बड़ा ऐलान
साझी विरासत अभियान की ओर से सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित बापू सभागार में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरदार वल्लभभाई पटेल के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल आधुनिक भारत के शिल्पकार और राष्ट्रीय एकता के महान प्रतीक थे। उन्होंने 567 रियासतों का भारत में विलय कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश को एक सूत्र में बांधने का उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। सम्राट चौधरी ने कहा कि सरदार पटेल के योगदान को सम्मान देने के लिए बिहार में अब तक स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं में उनकी सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने आयोजकों को कार्यक्रम के लिए बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।
2030 तक एक करोड़ लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बिहार के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं भी सामने रखीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक राज्य में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं को अच्छी शिक्षा और बेहतर नौकरी के लिए देश-दुनिया में कहीं भी जाने की स्वतंत्रता होनी चाहिए, लेकिन उन्हें रोजगार और आजीविका के लिए मजबूरी में राज्य से बाहर नहीं जाना पड़े। इसी उद्देश्य से बिहार में उद्योगों का विस्तार किया जा रहा है और औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सोलर प्लांट, थर्मल प्लांट और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना पर भी काम हो रहा है। सरकार ने नवंबर 2030 तक एक करोड़ परिवारों को उद्योग जगत से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि बिहार की लगभग 14 करोड़ आबादी में युवाओं की बड़ी भागीदारी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है।
2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प पर जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आर्थिक रूप से मजबूत राष्ट्र बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरदार पटेल के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया है। मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार के 20 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में बिहार के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण काम हुए। उनसे राज्य के विकास को आगे बढ़ाने की सीख मिली है और वर्तमान सरकार उनके विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने वर्ष 2005 में बिहार में एनडीए सरकार बनने के बाद हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि गांव-गांव तक सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गईं। पिछले दो दशकों में राज्य की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर काम हुआ है।
चार वर्षों में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार को लेकर भी सरकार की योजना बताई। उन्होंने कहा कि अगले चार वर्षों में बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को देश की सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में शामिल करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि जिला और अनुमंडल अस्पतालों से मरीजों को बिना उचित कारण बड़े अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था समाप्त करने की दिशा में काम किया जा रहा है। यदि कोई डॉक्टर बिना उचित कारण मरीज को रेफर करता है, तो उसे इसका कारण बताना होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, जिला अस्पतालों में 52 प्रकार के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री निशांत के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
समारोह में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम को स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने भी संबोधित किया। समारोह के आयोजक मंडल की ओर से मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा, कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, विधायक उपेंद्र प्रसाद, अश्वमेघ देवी, रत्नेश कुमार और अरुण माझी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, बिहार राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण मेहता, आयोजक मंडल के सदस्य और बड़ी संख्या में आम नागरिक भी समारोह में शामिल हुए।
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