Bihar Teacher Training University 2026: शिक्षक दिवस के अवसर पर बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में शिक्षकों के बेहतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास के लिए अलग से शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देने की योजना पर भी काम किया जाएगा। पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह, 2026 के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई प्रस्तावों और योजनाओं की जानकारी दी।
शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए बनेगा अलग विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में प्राथमिक विद्यालय से लेकर उच्च शिक्षा, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों तक सात लाख से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। इतने बड़े शिक्षक समुदाय की गुणवत्ता और क्षमता विकास के लिए नियमित एवं आधुनिक प्रशिक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से राज्य में शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इस विश्वविद्यालय के माध्यम से शिक्षकों को समय-समय पर नई शिक्षण पद्धतियों और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
Microsoft, Google और Sarvam AI के सहयोग से बनेगा AI इकोसिस्टम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ाने पर काम कर रही है। Microsoft, Google और Sarvam AI जैसी तकनीकी संस्थाओं के सहयोग से राज्य में आधुनिक AI इकोसिस्टम विकसित करने की योजना है। शिक्षक दिवस समारोह के दौरान बिहार शिक्षा विभाग और Google के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किया गया। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नवीनतम तकनीकों से प्रशिक्षित करना और शिक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।
वित्तरहित शिक्षकों के लिए अलग वेतनमान की व्यवस्था
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वित्तरहित शिक्षकों के हितों को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि वित्त रहित शिक्षकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग से वेतनमान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मदरसा एवं संस्कृत बोर्ड के शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान जारी कर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य शिक्षकों को समय पर पारिश्रमिक उपलब्ध कराने के लिए पूरी व्यवस्था को बेहतर बनाना है। राज्य में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी जारी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, बीपीएससी के माध्यम से 33 हजार से अधिक शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया चल रही है।

परीक्षा परिणाम जल्दी जारी करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मैट्रिक परीक्षा समाप्त होने के सात दिनों के भीतर परिणाम जारी करने की व्यवस्था विकसित करना है। यदि किसी विद्यार्थी को प्राप्तांक को लेकर आपत्ति होगी तो उसे 15 दिनों के भीतर निर्धारित स्लॉट में दोबारा परीक्षा देने का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी व्यवस्था विकसित की जाएगी। इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम 24 घंटे के भीतर जारी करने की व्यवस्था पर भी काम करने की बात कही गई है। परीक्षा सुधार के लिए हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में गठित समिति के सुझावों पर सरकार कार्रवाई करेगी।

BHU सेंटर और विक्रमशिला विश्वविद्यालय पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का सेंटर स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, विश्वविद्यालय के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले एक वर्ष में इसे धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने राज्य में करीब 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल विकसित करने का भी लक्ष्य रखा है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। शिक्षक दिवस समारोह में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने गोपालगंज की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद और बांका की शिक्षिका खुशबू कुमारी को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किए जाने पर बधाई भी दी।

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