नेताओं को प्रशांत किशोर चोर नजर आता है, रणनीतिकार के रूप में सलाह की फीस लेता हूं
पटना : बिहार चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप के कारण सुर्खियों में छाए प्रशांत किशोर ने अपने उपर लगे आरोपों का दिया जवाब है। पटना में उन्होंने अपने आय के श्रोत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही पार्टी के फंडिग सोर्स की भी हिसाब-किताब दिया। उन्हें कहा कि महज दो घंटे के सलाह के लिए 11 करोड़ रुपए मिले हैं। यह एक बिहारी लड़के की ताकत है।

मुझे नेता मत कहिए, बाकि नेताओं की तरह मत समझिए, मैं नेता नही हूं – प्रशांत
पीके ने कहा कि मुझे नेता मत कहिए, बाकि नेताओं की तरह मत समझिए, मैं नेता नही हूं और बिहार में कमाने नहीं आया हूं बल्कि खून पसीना बहाने आया हूं। लोग पूछते हैं कि पीके के पास पैसा कहा से आता है। बिहार के नेताओं को पीके चोर नजर आता है। मैं उनकों बताना चाहता हूं कि पैसा सरस्वती की कृपा से आता है। रणनीतिकार के रूप में मैं जो सलाह देता हूं, उसकी फीस लेता हूं।
प्रशांत ने कहा- सलाह देने के मिलते हैं करोड़ों रुपए, सरस्वती की असीम कृपा है मेरे उपर
प्रशांत ने दावा किया कि वह एक सलाह के लिए 11 करोड़ रुपए तक चार्ज कर चुके हैं। अपने उपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया कि उनकों दान देने वाली कंपनी फर्जी थी। उन्होंने बताया की तीन साल में अलग-अलग पार्टियों और कंपनियों को सलाह देने के एवज में फीस के रूप में 241 करोड़ रुपए लिए हैं। जिस पर 30 करोड़ रुपए जीएसटी और 20 करोड़ रुपए आयकर के रूप में चुकाया है। ये मेरी पहचान है मैं जो बोलता हूं वहीं करता हूं।
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पीके का अशोक चौधरी पर बड़ा आरोप
पीके ने बिहार के मंत्री अशोक चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मंत्री ने बेटी की सगाई के बाद 200 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति बनाई है। आठ महीने में 20 हजार करोड़ रुपए की निविदाओं में पांच प्रतिशत कमीशन लिया है और भुगतान के लिए 0.5 प्रतिशत कमीशन लिया गया। वहीं अशोक चौधरी ने इन आरोपों को भ्रामक और गलत बताया है। इसको लेकर पीके को 100 करोड़ रुपए का मानहानि का नोटिस भी भेजा है। उन्होंने कहा कि बेटी शांभवी चौधरी की संपत्ति वैध है और चुनावी शपथ पत्र में इसका उल्लेख किया है।
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