BJP, RJD और JDU ने बिहार को रसातल में पहुंचाया – प्रशांत

बेतिया : लोकसभा चुनाव के बीच जन सुराज के संस्थापक और पदयात्रा अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बीजेपी, राजद और जदयू पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि ये तीनों पार्टियां बिहार को रसातल में पहुंचाया। प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया है कि जन सुराज समाज के सभी वर्गों को एक साथ जोड़ कर उसकी आबादी के अनुरूप उचित प्रतिनिधित्व देने के प्रति संकल्पित है। जिसकी जितनी आबादी उसकी उतनी हिस्सेदारी के फार्मूले पर आगामी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाएंगे। संगठन में भी इसी फार्मूले पर जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। आज यहां जारी एक बयान में जन सुराज के जिला प्रवक्ता सह सचिव ई. सिकंदर चंद्रा ने कही है।

उन्होंने कहा कि जन सुराज के प्रणेता प्रशांत किशोर का स्पष्ट मानना है कि‌ अभी तक बिहार की सरकार चलाने वाले सभी राजनीतिक दलों ने अक्लियतों, दलितों, मुफलिसों व वंचित समाज के लोगों की बेहतरी के लिए कुछ भी नहीं किया। शिक्षा व्यवस्था चौपट कर दी गई है और खेती -किसानी को घाटे का धंधा बना दिया गया है। बेरोज़गारी बेतहाशा बढ़ी हुई है। बिहार के लोगों का दूसरे प्रदेशों में रोजगार के लिए, शिक्षा और चिकित्सा के लिए पलायन करना मजबूरी बनीं हुई है। ई.चंद्रा ने कहा है कि चाहे कांग्रेस की, राजद की अथवा नीतीश-भाजपा की सरकारें रही हो किसी ने बिहार के विकास की चिंता नहीं की। कोई बड़े उद्योग और कारखाने स्थापित नहीं किए गए।

ई. चंद्रा ने कहा कि देश के मुन्फरिंद सियासी हिक्मतअमली और इंतखाबी इन्तजामिया के काबिल हुनरमंद जनाब प्रशांत किशोर बार-बार कहते है कि जहां अक्लियतों को राजद और कांग्रेस ने वोट का मशीन बना कर रखा लेकिन उन्हें न तो उचित राजनीतिक हिस्सेदारी दी और ना ही उनके बच्चों के बेहतरीन मुस्तकबिल के लिए कोई काम किया। प्रशांत किशोर का कहना है कि बिहार में लोग जात- पांत पर, धर्म- मजहब के नाम पर तथा भाजपा के डर से राजद को और लालू जी के आतंक राज़ के डर से भाजपा को वोट देते रहे हैं। यहां के लोग अपने बच्चों के भविष्य के लिए, रोजगार के लिए और शिक्षा के लिए वोट नहीं देते हैं तो फिर कैसे विकसित बिहार होगा।

ई. चंद्रा ने कहा कि इसी कारण से प्रशांत किशोर पिछले दो अक्टूबर 2022 से ही गांधी जी की कर्मभूमि चम्पारण से गांव-गांव की पदयात्रा कर बिहारियों को समझने में जुटे हुए हैं। इस पदयात्रा के दौरान समाज की हालात को नजरों से देख रहे हैं और इस अभियान के तहत सही लोग जो सही सोंच रखते हैं की तलाश कर उन्हें एकजुट कर एक मजबूत राजनीतिक विकल्प तैयार करने में लगे हुए हैं। प्रशांत किशोर जी की ने यह भी घोषणा कर चुके हैं कि समाज के सही सोंच और बिहार को बदलने का जज्बा रखने वाले लोग जो साधन के अभाव में तथा कमजोर वर्ग से होने के कारण राजनीति में ऊंची छलांग नहीं लगा पाते उनके लिए जन सुराज एक मात्र उचित मंच है। वैसे इच्छुक लोगों को बेहिचक जन सुराज से जुड़ कर अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अभी तक जाति व धर्म आधारित राजनीति होती रही है जिससे समाज और बिहार को काफी नुकसान हो चुका है। विकास, शिक्षा, उद्योग, खेती, रोजगार सभी मामलों में बिहार देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे पीछे छूट गया है। इसका मूल कारण जातिवादी व धर्म वादी राजनीति है। हम अपने बच्चों के भविष्य के लिए तथा मुद्दों पर मतदान नहीं करते हैं जिससे हम काफी पिछड़ चुके हैं। अब वक्त आ गया है जब हम सभी जन सुराज से जुड़ कर अपने व अपने बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने का सपना साकार कर सकते हैं तथा अपना राजनीतिक भविष्य भी निर्धारित कर सकते हैं। ई.चंद्रा ने आम लोगों से, बुद्धजीवियों से, दलितों, पिछड़ों,अति पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, अगड़ों समेत समाज के सभी वर्गों से बिहार में बेहतर व्यवस्था व भ्रष्टाचार मुक्त शासन स्थापित कर विकास की धारा प्रवाहित करने हेतु जन सुराज के साथ जुड़ने की अपील की है।

ई. चंद्रा ने जिला के सभी प्रखंडों के संगठन प्रमुखों को जनसंपर्क अभियान को तेज करने और गांव- गांव में जाकर ज़न सुराज के संस्थापक तथा पदयात्रा अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर की सोंच और ज़न सुराज के उदेश्य को जनता तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका अदा करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा, राज़द,जदयू और कांग्रेस को जनता सबक सिखाने को बेताब हैं। ई. चंद्रा ने खासकर अक्लियतों, दलितों और पिछड़े समाज के लोगों से अपील की है कि वे सभी भाजपा के संप्रदायवादी और राजद की जातिवादी राजनीति को समाप्त कर बिहार और बिहारियों की बेहतरी के लिए प्रशांत किशोर जी के नेतृत्व वाले जन सुराज के साथ जुड़ कर अपने बच्चों का भविष्य बनाने में आगे आएं। चंद्रा ने कहा कि पीएम मोदी ने आज़ तक बिहार के विकास के लिए कुछ भी नहीं किए। गुजरात में रोज कंपनियां खोले जा रहे हैं किन्तु दस वर्षों में बिहार में एक भी कारखाना नहीं खोला गया। जुमलाबाजी कर बिहारियों को तथा देश वासियों को ठगना नरेंद्र मोदी की फितरत सी हो गई है।

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राजन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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