पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनी नाबालिग के अपहरण का मामला
बोकारो : 19 महीने से 9वीं की छात्रा गायब है, लेकिन अभी राखी पर भाई अपनी
बहन का इंतजार कर रहा है. वहीं पुलिस के लिए नाबालिग के
अपहरण का मामला अबूझ पहेली बन गई है.
क्योंकि पुलिस को अभी तक कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा है.
परिजनों के आंखों के आंसू आज तक सूखने के नाम नहीं ले रही है.
उन्हें अपनी बेटी का इंतजार आज भी है.
परिजन उसके जन्मदिन और राखी के दिन को याद कर फफक-फफक कर रो रही है.
मां कहती है कि हम अपनी बेटी का जन्मदिन कैसे मनाएं.
पिछले साल से भाई की कलाई बहन की राखी के लिए सुनी है.

जानिए एसपी ने इस मामले पर क्या कहा
पिंडराजोड़ा थाना क्षेत्र से 14 वर्षीय नाबालिग की अपहरण के मामले पर बोकारो के एसपी चंदन कुमार झा ने एसआईटी टीम के द्वारा मामले अनुसंधान लगातार किए जाने की बात कही है. उन्होंने कहा कि घटना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन हमें उम्मीद है कि हमें सुराग जल्द मिलेगा.
क्या है मामला
नाबालिग सेजल झा उर्फ पाखी 16 अक्टूबर 2020 को अपने गांव ओझाडीह से कुरमा गांव ट्यूशन पढ़ने साईकिल पर सवार हो कर गयी थी. लेकिन ट्यूशन जाने के दौरान ही उसका किसी ने अपहरण कर लिया. घटना दिन के 10ः45 बजे की थी. घटनास्थल से उसका साइकिल, किताब, दोनों चप्पल, बाल में लगाने वाला रबड़ बाल परिजनों को मिला था. अपहृत नाबालिग की मां उषा झा ने बताया कि मौके से उसके जोर-जबर्दस्ती कर घसीट कर ले जाने की निशान भी वहां मौजूद था.

नहीं मिला अभी तक कोई सुराग
घटना होने के तुरंत बाद ही मौके पर हम परिजन पहुंच गए थे. लेकिन उसके बाद आज तक हमारी बेटी का कोई सुराग नहीं मिल पाया. इस दौरान हम लोग मुख्यमंत्री, डीजीपी, एडीजी के यहां चक्कर काटते रह गए. सभी ने सिर्फ आश्वासन दिया. लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला. आज भी आश्वासन के सहारे ही हम जिंदा हैं. हम रात में इस आस के साथ सोते हैं कि सुबह हमें कुछ अच्छी खबर मिलेगी. यह दिनचर्या हमारा बीते 19 महीने से चल रहा है. हम एसपी और मंदिर के चौखट तक सिर्फ फरियाद ही लगा रहे हैं.
कई राज्यों में की बेटी की खोज
उषा झा ने कहा कि नाबालिग लड़कियां आखिर झारखंड से बाहर क्यों ले जाई जा रही है. यह हमारे मन को व्यथित कर रहा है. हम चाहते हैं कि हमारी तरह किसी परिवार के साथ इस तरह की घटना नहीं हो. पिता राम कृष्ण झा कहते हैं कि वे पुलिस के साथ केरल, बंगाल सहित अन्य राज्यों में अपनी बेटी की खोज के लिए घूमते रहे, लेकिन आज तक बेटी नहीं मिली. इस मामले को सीआईडी को भी ट्रांसफर किया गया है लेकिन आज तक नतीजा कुछ भी नहीं निकला है.
रिपोर्ट: चुमन कुमार


















