रांची : चर्चित चारा घोटाले के डोरंडा ट्रेजरी मामले पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिया है. इस मामले में 99 आरोपी में से 24 आरोपियों को गवाह के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया. सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के जज सुधांशु कुमार शाही की अदालत ने फैसला सुनाया. डोरंडा कोषागार मामले में लालू यादव को 21 फरवरी को अदालत सजा सुनाएगी. लालू यादव को वीडियो कांफ्रेंसी के जरिए सजा सुनाई जाएगी.
लालू की ओर से इस बात के लिए आवेदन दिया गया है कि उन्हें रिम्स में रखा जाए, क्योंकि उनकी तबीयत खराब रहती है. इस पर कोर्ट सुनवाई करेगी और संभावना है कि जेल से उन्हें शाम को रिम्स भेजा जाएगा.
चारा घोटाला के 5वें केस में भी लालू प्रसाद यादव को अदालत ने दोषी करार दिया है. बता दें कि तीन साल से ज्यादा सजा होने पर लालू यादव ऊपरी कोर्ट जा सकते हैं. अगर तीन साल से कम सजा होती है तो उनको जमानत मिल सकती है.
यह मामला डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है. रांची स्थित सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है. फिलहाल सजा का ऐलान होना बाकी है. अगर तीन साल से कम की सजा होती है तो यहीं से लालू को जमानत मिल जाएगी. अगर ऐसा नहीं होता है तो लालू को कस्टडी में लिया जाएगा.
हालांकि, लोअर कोर्ट का ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो चारा घोटाले से जुड़े पिछले मामलों में लालू यादव को तीन-तीन साल से ज्यादा की ही सजा सुनाई गई है.
इससे पहले लालू प्रसाद को चारा घोटाले से जुड़े चार मामलों में करीब 14 साल की सजा सुनाई गई थी. ये मामले दुमका, देवघर और चाईबासा कोषागार से जुड़े थे. सजा के साथ-साथ उनको 60 लाख का जुर्माना भी भरना पड़ा था. फिलहाल लालू यादव जमानत पर बाहर हैं.
लालू प्रसाद यादव की तबीयत फिलहाल ठीक नहीं है. माना जा रहा है कि सीबीआई कोर्ट इस बात को ध्यान में रखकर कुछ राहत दे सकती है. हालांकि, पिछले मामलों को देखें तो लालू यादव को सीबीआई कोर्ट से राहत नहीं मिली थी. चारा घोटाले से जुड़े पिछले मामलों में लालू को पांच से सात साल तक की सजा हुई थी. फिर बाद में हाईकोर्ट से लालू को राहत मिली थी.

















