CGL Exam 2023 Jharkhand High Court News : CBI Probe Demand पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

झारखंड हाइकोर्ट ने CGL 2023 परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा है। रिजल्ट रोक बरकरार, सभी पक्षों को 4 नवंबर तक लिखित बहस का निर्देश।


CGL Exam 2023 Jharkhand High Court News :  रांची: झारखंड हाइकोर्ट में सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता (CGL) 2023 परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर शुक्रवार को अहम सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।

कोर्ट ने सभी पक्षों को 4 नवंबर तक अपनी लिखित बहस (Written Submission) दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही, परीक्षा परिणाम (CGL Result 2023) जारी करने पर लगी पूर्व की रोक को बरकरार रखा गया है।


Key Highlights

  • झारखंड हाइकोर्ट ने CGL 2023 परीक्षा में गड़बड़ी की सीबीआई जांच की मांग पर सुनवाई पूरी की।

  • चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित रखा।

  • सभी पक्षों को चार नवंबर तक लिखित बहस प्रस्तुत करने का निर्देश।

  • CGL 2023 परीक्षा के रिजल्ट प्रकाशन पर लगी रोक फिलहाल बरकरार।

  • राज्य सरकार ने कहा — “पेपर लीक का कोई ठोस सबूत नहीं।”


CGL Exam 2023 Jharkhand High Court News :  सरकार का पक्ष — “पेपर लीक का कोई सबूत नहीं”

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने अदालत में कहा कि अब तक की जांच में पेपर लीक का कोई प्रमाण नहीं मिला है। सीआईडी (CID) की जांच में स्पष्ट हुआ कि “गेस प्रश्नों” को गलत तरीके से पेपर लीक कहा गया।

सरकार ने बताया कि संदिग्ध संतोष मस्ताना को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, लेकिन उसने भी “गेस प्रश्न” की बात ही स्वीकारी। महाधिवक्ता ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर परीक्षा प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि एक नई एसआईटी (SIT) गठित की गई है, जिसकी अगुवाई एक आईजी रैंक अधिकारी कर रहे हैं, ताकि जांच पारदर्शी रहे। सरकार ने कोर्ट से रिजल्ट प्रकाशन पर लगी रोक हटाने और याचिका को खारिज करने का आग्रह किया।

CGL Exam 2023 Jharkhand High Court News :  याचिकाकर्ता का पक्ष — “जांच निष्पक्ष नहीं, सीबीआई को सौंपी जाए जांच”

दूसरी ओर, सफल अभ्यर्थियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकर नारायण, वरीय अधिवक्ता वी. मोहना, और अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने कहा कि पेपर लीक के आरोप बिलकुल आधारहीन हैं

जबकि हस्तक्षेपकर्ता की ओर से यह दलील दी गई कि राज्य सरकार ने कोर्ट के पुराने निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पहले गठित एसआईटी को भंग कर दूसरी एसआईटी बना दी, जो जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है। उनका कहना था कि इस मामले की सीबीआई जांच से ही सच सामने आ सकता है।

Highlights

Saffrn

Trending News

कटिहार में जनजातीय गरिमा उत्सव की तैयारी, 18 से 25 मई...

कटिहार : कटिहार जिले में जनजातीय समाज तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है।...

Love Affair Drama: प्रेम विवाह की जिद में मोबाइल टावर पर...

 जामताड़ा के युवक और डुमरी की युवती के प्रेम प्रसंग में धनबाद में हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। दोनों अलग-अलग दिनों में मोबाइल टावर...

Jharkhand Weather Alert: रांची समेत कई जिलों में 20 मई को...

झारखंड में मौसम लगातार बदल रहा है। 20 मई को रांची समेत कई जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया...

शिक्षा के नाम पर वसूली, एडमिशन के लिए हेडमिस्ट्रेस ने मांगे...

मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी प्रखंड से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय भरहुलिया...

CBSE Result 2026: Revaluation फीस में बड़ी राहत, अब 25 रुपये...

 CBSE ने 12वीं के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए पुनर्मूल्यांकन फीस घटा दी है। अब स्कैन कॉपी और रीचेकिंग सस्ती होगी।CBSE Result 2026...
Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions
Best Packaging Solution Provider of Jharkhand

Social Media

194,000FansLike
27,500FollowersFollow
628FollowersFollow
695,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img