Chatra Jholachhap Doctor News: जिले में कथित झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। लावालौंग प्रखंड के टिकुलिया गांव में एक युवती की इलाज के दौरान मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने कथित डॉक्टर पर गलत इलाज करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद प्रशासन ने संबंधित क्लिनिक को सील कर वहां से सामान जब्त किया है। मृतका की पहचान मुनिता कुमारी के रूप में बताई गई है। परिजनों के अनुसार, पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने पर उसे रविन्द्र विश्वकर्मा नामक व्यक्ति के पास इलाज के लिए ले जाया गया था। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति बिना उचित जांच के उसका इलाज कर रहा था।
पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद कराया गया इलाज
परिजनों के मुताबिक मुनिता कुमारी को पेट दर्द और उल्टी की समस्या थी। इसके बाद उसे टिकुलिया गांव में संचालित एक कथित क्लिनिक में ले जाया गया। बताया गया कि यह क्लिनिक एक कमरे में टेबल पर दवाइयां रखकर संचालित किया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि वहां बिना आवश्यक जांच के युवती को सलाइन चढ़ाई गई। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। हालांकि, युवती की मौत के वास्तविक कारण और इलाज में कथित लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना के बाद प्रशासन ने क्लिनिक किया सील
घटना की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन की टीम ने संबंधित स्थान पर कार्रवाई की। प्रशासन ने कथित रूप से संचालित क्लिनिक को सील कर दिया और वहां मौजूद सामान को जब्त किया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब पूरे मामले की जांच की जा रही है। संबंधित व्यक्ति के पास इलाज करने के लिए आवश्यक अनुमति या योग्यता थी या नहीं, यह भी जांच का विषय है।
झोलाछाप डॉक्टरों पर फिर उठे सवाल
लावालौंग की घटना ने ग्रामीण इलाकों में कथित रूप से संचालित अवैध क्लिनिकों और बिना पर्याप्त चिकित्सा योग्यता के इलाज करने वाले लोगों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग नजदीकी इलाज के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ऐसे लोगों के पास पहुंच जाते हैं। ऐसे में यदि बिना जांच और उचित चिकित्सकीय व्यवस्था के इलाज किया जाता है, तो मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। मुनिता की मौत के मामले में भी परिजनों ने इलाज के तरीके पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
अब जांच और कानूनी कार्रवाई पर नजर
घटना के बाद प्रशासन ने क्लिनिक को सील कर दिया है, लेकिन मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है। जांच के दौरान इलाज करने वाले व्यक्ति की भूमिका, क्लिनिक के संचालन और युवती की मौत के कारणों से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद कथित क्लिनिक बंद कर दिया गया है। युवती की मौत के मामले में परिजनों के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



















