रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सेंट फ्रांसिस स्कूल में अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ मतदान किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मताधिकार का उपयोग करना लोकतंत्र में सबसे जरूरी है इसलिए सभी लोगों को अपने मतों का उपयोग जरूर करना चाहिए।
रांची झारखंड में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में कई प्रमुख नेताओं की राजनीतिक किस्मत दांव पर है। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और हेमंत सोरेन सहित कई दिग्गजों के लिए यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। भाजपा, महागठबंधन के खिलाफ मैदान में पूरी ताकत से उतरी है। महागठबंधन में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) शामिल हैं, जो भाजपा को कड़ी चुनौती दे रहे हैं।
चुनावी प्रचार के दौरान रोजगार, आदिवासी अधिकार, बाहरी बनाम स्थानीय जैसे मुद्दे छाए रहे। भाजपा ने राज्य में घुसपैठ को बड़ा मुद्दा बनाते हुए हेमंत सोरेन पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या शरणार्थियों को पनाह देने का आरोप लगाया। वहीं, महागठबंधन ने स्थानीय अधिकारों और टेनेंसी एक्ट जैसे मुद्दों पर भाजपा को घेरा।
कोल्हान क्षेत्र, जहां पिछली बार भाजपा का प्रदर्शन कमजोर रहा था, इस बार विशेष ध्यान का केंद्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य बड़े भाजपा नेताओं ने यहां ताबड़तोड़ रैलियां कीं।
झारखंड में इस बार का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। 43 सीटों के अलावा, देश के 10 अन्य राज्यों की 31 विधानसभा सीटों और वायनाड लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव हो रहे हैं। झारखंड के रण में जनता का फैसला राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेगा।


