पटना : प्रदेश में लघु उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार की मुख्यमंत्री उद्यमी योजना एक वरदान की तरह साबित हो रही है। बिहार के छोटे-बड़े जिलों में इस योजना का लाभ लेकर उद्यमी अब प्रदेश छोड़ने की बजाय नए-नए रोजगार पैदा कर रहे है। इसी कड़ी में कटिहार जिले में दो अलग-अलग व्यवसाय में लगे उद्यमियों ने कहा कि व्यापार के शुरूआती दिनों में उनका कारोबार काफी छोटा होता है। पूंजी की कमी के कारण वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सक्षम नहीं हो पा रहे थे। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का लाभ लेकर आज उन्होंने न केवल अपने व्यवसाय को बड़ा आकार दिया, बल्कि गांव व कस्बों के कई लोगों को उनके घर ही में रोजगार की व्यवस्था कर चुके हैं।
योजना ने शहाबुद्दीन के गैराज को दिया बड़ा आकार, 9 मेकैनिक को दे रहें रोजगार
कटिहार के रहने वाले शहाबुद्दीन एक मोटर गैराज संचालक है। उन्होंने 2023 में योजना का लाभ लेकर अपने गैराज को बड़ा आकार देने का भरपूर कोशिश कर है। बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि करीब दो साल पहले उन्होंने छोटे-पैमाने पर इस गैराज की शुरूआत की थी। व्यापार को आगे बढ़ाने की असीम संभावनाएं दिख रही थी। लेकिन लागत की कमी के कारण वे गैराज को आगे ले जाने में सक्षम नहीं थे। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत तीन किश्तों में उन्हें छह लाख का लाभ मिला। जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्तमान में वे टू व्हीलर व फॉर व्हीलर दोनों वाहनों का गैराज चालू कर रखा है। साथ ही उन्होंने अपने आस-पास के नौ मैकेनिक को अपने साथ काम भी दे रखा है।

प्लास्टिक आइटम तैयार कर आत्मनिर्भरता की प्रतीक बने मुदस्सिर
कटिहार के मनिहारी इलाके के रहने वाले मुदस्सिर ने बताया कि उन्होंने भी मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का लाभ लेकर आज अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में जुटे है। योजना के तहत सात लाख का ऋण प्राप्त करके उन्होंने प्लास्टिक आइटम तैयार करने का काम शुरू किया है। जिससे वे कोलड्रिंक्स की बोतल का निर्माण कर रहे है। जल्द ही वे एक लीटर, 500 एमएल की बोतल तैयार कर बाजार में लांच करने की योजना बन रहे है।

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