SIWAN: सिवान के अर्जुन फ़ाउंडेंशन कार्यालय में पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान आईजीआईएमएस के निदेशक डॉ बिंदे कुमार पहूँचे. जहां उन्होंने 1500 बच्चों को सम्मानित किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में भी भरपूर प्रतिभा है. अगर उचित प्रोत्साहन और मार्गदर्शन मिले तो हर क्षेत्र में अपने इलाके का नाम रोशन कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयास से चिकित्सा-शिक्षा के स्तर में काफी सुधार हुआ है.

मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना से चल रहे कुशल युवा प्रोग्राम से बच्चे हुनरमंद बन रहे हैं. डॉ. बिंदे रविवार को जीबी नगर के चांड़ी बाजार स्थित अर्जुन फाउंडेशन परिसर में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में बोल रहे थे. इस मौके पर उन्होंने 1500 बच्चों को सम्मानित करने के साथ-साथ 12वीं और 10वीं में प्रथम स्थान पानेवाली रोशनी कुमारी और गोल्डी कुमारी, द्वितीय अन्नू कुमारी और फजले अहमद, तृतीय स्थान पाने वाले तबरेज अहमद और अतुल शर्मा को सम्मानित किया.
ग्रामीण क्षेत्र: ‘डॉ बिंदे ने बच्चों को दिए सफलता के टिप्स’
डॉ बिंदे ने बच्चों को सफलता के कई टिप्स दिए और मैट्रिक-इंटर परीक्षा के बाद खाली बैठने की बजाए राज्य सरकार की ओर से संचालित कुशल युवा प्रोग्राम के माध्यम से हुनरमंद बनने की सलाह दी. साथ ही कहा कि अधिक से अधिक बच्चे अर्जुन फाउंडेशन से परीक्षा बाद खाली समय में कंप्यूटर शिक्षा का लाभ उठा सकते हैं.
यह सुविधा अर्जुन फाउंडेशन को राज्य सरकार की ओर से दी गई है. डॉ. बिंदे ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए जो प्रयास किए, उसका नतीजा है कि अब लोगों को इलाज के लिए भी बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है. शिक्षा के साथ-साथ चिकित्सा के क्षेत्र में भी बिहार काफी आगे बढ़ा है.
एम्स के वरीय चिकित्सक और ट्रामा हेड डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि आज जो बच्चे यहां अपनी प्रतिभा के बल पर पुरस्कार पाने के लिए आए हैं, वे अगले माह से शुरू हो रहे इंटर और मैट्रिक परीक्षा में शामिल होंगे। उन्हें बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। साथ ही एक अपील यह भी करता हूं कि वे परीक्षा के बाद खाली नहीं बैठें। अर्जुन फाउंडेशन को राज्य सरकार की ओर से दिए एक कुशल युवा प्रोग्राम का लाभ उठाएं और यहां नामांकन कराकर हुनरमंद बनें.
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