पहले चरण की VOTING के बाद चिराग ने की प्रेस कांफ्रेंस, पढ़िए क्या सब कहा…

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पटना: लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान खत्म हो जाने के बाद शनिवार को लोजपा(रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने प्रेस कांफ्रेंस किया। प्रेस कांफ्रेंस के बाद चिराग पासवान ने कहा कि एनडीए के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बहुत ही अधिक मेहनत किया है। मतदान के बाद हमने बिहार के चारों लोकसभा सीट पर फीडबैक लिया और हमें फीडबैक मिला है कि हर जगह एनडीए रहा है। उन्होंने कहा कि मैं इसलिए नहीं बोल रहा हूं कि मैं गठबंधन का हिस्सा हूं बल्कि सच्चाई बता रहा हूं कि हम लोग अच्छे मार्जिन से जीत दर्ज कर रहे हैं।

मतदान प्रतिशत में कमी को लेकर बिहार के सभी पार्टियों को प्रयास करना चाहिए कि मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करना चाहिए। लोकतंत्र में मतदान का बहुत ही अधिक महत्व होता है और हम उम्मीद करते हैं कि लोग अपने मत का वैल्यू समझेंगे और अपना मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चिराग पासवान ने कहा कि एनडीए गठबंधन और प्रधानमंत्री के नाम पर लोगों में उत्साह है। ऐसे कई लाभार्थी हैं जिन्हे प्रधानमंत्री के गरीबों को लेकर चलाये जा रहे योजनाओं का लाभ मिला है।

उन्होंने कहा कि एक बड़ी आबादी भुखमरी के शिकार थे, लोग एक एक दाना के लिए मोहताज थे। उसके लिए हमारे दिवंगत पिता रामविलास पासवान ने देश ही नहीं दुनिया की सबसे बड़ी योजना प्रधानमंत्री गरीब जनकल्याण अन्न योजना के माध्यम से अभी देश की बड़ी आबादी को मुफ्त में राशन मिल रहा है। केंद्र सरकार की कई योजनाएं ऐसी है जो बहुत छोटी बात है लेकिन प्रधानमंत्री ने उस पर भी ध्यान दिया और लोगों को उसका बहुत ही अधिक फायदा मिला है। विपक्षी खेमे में भरी निराशा है। विपक्षी खेमे में आपसी सहमति की भारी कमी थी।

विपक्षी दलों ने पहले चरण के चुनाव पर ध्यान दिया ही नहीं। खासकर कांग्रेस ने बिहार को नजरअंदाज किया है और इसका भी फायदा एनडीए गठबंधन को मिलेगा। हमारे ऊपर आरोप लगता है कि हमलोग छोटे चुनाव को भी बहुत अधिक महत्व देते हैं। लोकतंत्र में जनता से मेलजोल बहुत आवश्यक है। विपक्षी दलों में जो कुछ नेता चुनाव प्रचार में एक्टिव हैं हमने उनका हुड़दंग और दबंगई भी देखी है।

चिराग पासवान ने एक बार फिर अपनी मां को गाली दिए जाने के मुद्दे को उठाया और कहा कि मैं मानता हूं कि आप तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दे पाए लेकिन बाद में आप कहते हैं कि ऐसे मामलों को तूल नहीं देनी चाहिए लेकिन क्या आपको लगता है कि एक स्वाभिमानी इंसान जो अपनी मां बहन के लिए गाली सुने और तब उसे बोलै जाये कि इन मामलों को तूल नहीं देनी चाहिए तो सोचिये आप कैसा महसूस करेंगे। क्या आपका खून नहीं खौलेगा?

बावजूद मैंने मर्यादित रूप से अपनी बात रखा है। हर इंसान को धैर्य रखना चाहिए लेकिन धैर्य की सीमा होती है। अगर वे चाहते तो एक शब्द बोल सकते थे लेकिन वे छुपाने का प्रयास कर रहे हैं। चिराग ने कहा उनकी प्रतिक्रिया से ये साफ जाहिर होता है कि ये सब एक सोची समझी साजिश है। वहीं उन्होंने मीसा भारती को भी निशाने पर लिया और कहा कि मैं मीसा भारती को दीदी बोलता हूं, वे खुद एक महिला हैं बावजूद विरोध करने के बजाय वे दूसरे नेताओं के बयान को ढाल बनाने की कोशिश कर रही हैं।

अगर मेरे सामने इस तरह की घटना होती तो मैं जरूर कार्रवाई करता। मैं हमेशा राबड़ी देवी, मीसा भारती को अपनी मां और बहन मानता हूं। राजनीतिक मंच पर कड़ा विरोध कर सकता हूं लेकिन व्यक्तिगत रूप से किसी के ऊपर कोई हमला नहीं कर सकता हूं। तेजस्वी की सभा की घटना 1990 के दशक की याद दिलाता है जहां महिलाओं का सम्मान नहीं होता था। उन्हें अपमानित किया जाता था। उन्होंने इन चीजों को राजद की संस्कृति है।

पटना से विवेक पांडेय की रिपोर्ट

https://www.youtube.com/@22scopebihar/videos

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